कॉमिक्स के माध्यम से जानिए देश के वीर जवानों की शौर्य गाथा - Nazariya Now

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Sunday, May 28, 2017

कॉमिक्स के माध्यम से जानिए देश के वीर जवानों की शौर्य गाथा

भारतीय सेना हिम्मत, बहादुरी, पराक्रम की एक मिसाल मानी जाती है।  देश के जवानों के इरादे आसमान से ज़्यादा बुलंद और पहाड़ से ज़्यादा मज़बूत हैं।  देश को जब भी ज़रूरत पड़ी हमारे वीर जवानों हमेशा अपने हिम्मत और साहस का परिचय देते हुए हर मुश्किल का  सामना किया है। पकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना , आतंकवादी हमला, देश में हुई कोई दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा (बाद, सुनामी, भूकंप आदि) देश के वीर जवानो ने हर मुसीबत का डटकर सामना किया है और देश को सुरक्षित रखा है।  सियाचिन की खून जमा देने वाली ठण्ड हो, रेगिस्तान की तपा देने वाली गर्मी या तूफानी बारिश हर समय वीर जवान पूरी मुस्तैदी के साथ अपना फ़र्ज़ निभा रहे हैं।  देश की रक्षा के लिए अपने घर-परिवार से दूर देश की रक्षा के लिए हर पल डटे हुए हैं।  हमारे ये बहादुर जवान ही देश के असली हीरो हैं। 


पिछले साल सेना द्वारा पकिस्तान के खिलाफ की गई सफल सर्जिकल स्ट्राइक की चर्चा पूरे देश और दुनिया में हुई।  देशवासियों ने सेना की वीरता और साहस की जमकर प्रशंसा की।  देश के लिए जवानों का योगदान अतुलनीय है।  वीर जवानों का देश के लिए अमूल्य योगदान और उनके मिशन की सच्ची घटनाओं से अवगत कराने के लिए केंद्रीय रिज़र्व पुलिस  बल (CRP) ने वीर जवानों के मिशन की सच्ची घटनाओं को कॉमिक्स के रूप में प्रकाशित किया है।  इन कॉमिक्स के ज़रिये हम जान सकते हैं की हमारे देश के वीर जवानों ने कितनी बहादुरी और हिम्मत के साथ हर मुश्किल सामना करते हुए दुश्मनो को मात दी है। जवानों की शौर्यगाथा की कॉमिक्स को CRPF  की वेबसाइट से डाउनलोड करके पड़ा जा सकता है, डाउनलोड लिंक यहाँ दिया जा रहा है।  


हॉट स्प्रिंग

यह कॉमिक्स सी.आर.पी.एफ. के बहादुर  जवानों द्वारा चीनी घुसपेटियों से देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने की घटना से अवगत कराती है। सी.आर.पी.एफ. के बहादुर  जवानों  ने 1959 में  चीनियां के  द्वारा किये गए प्रथम हमले के प्रयास को नेस्तनाबूद किया था। 21 अक्टबू र 1959 को लद्दाख के ''हॉटस्प्रिंग'' क्षेत्र में सी.आर.पी.एफ. की एक छोटी सी टुकड़ी पर चीनी घुसपेटियों द्वारा भारत की धरती पर अवैध रुप से कब्जा करने के उद्देश्य  से हमला किया गया। चीनी सेना के सामने ना केवल सी.आर.पी.एफ. की टुकड़ी  के जवानों  की संख्या काफी कम थी बल्कि चीनियाें  के आधुनिक स्वचालित हथियारओं से सुसज्जित हमले के जवाब ऐसा सी.आर.पी.एफ. के प्रत्येक जवान ने खुद  के शरीर को चीनियों के सामने एक अभेद ढाल के रूप में प्रस्तुत किया! सी.आर.पी-एफ. के जवानों के मन में उस समय उनके अडिग इरादों साथ केवल एक ही बात थी किसी भी कीमत पर मातृभूमि की रक्षा करना! उस समय उनके लिए देश व देश की रक्षा से ज्यादा ,महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं था।  चीनियों के उस कायर्तापूर्ण हमले का सीआर.पी.एफ. के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। मातृभूमि की रक्षा करते हुए सी.आर.पी.एफ. के 10 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। 
  

दिलेर दिव्यांशु 

नक्सलियों के बीच भय के प्रतीक श्री दिव्यांशु  की शौर्यगाथा जिन्होंने अपने  बाल्यकाल में ही केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल का हिस्सा बनने का निर्णय ले लिया था।  सहायक कमांडेंट श्री दिव्यांशु अपने अडिग इरादों और दृढ़ निश्चय के बल पर केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल में भर्ती होकर कोबरा कमांडो के रूप में कई दुष्कर ऑपरेशनों को निर्भयता से अपने सफल अंजाम तक पहुंचाकर 2 बार पुलिस पदक से सम्मानित हुए हैं।
DOWNLOAD दिलेर दिव्यांशु 



अयोध्या के शूरवीर

5 जुलाई 2005 को स्वचालित रायफल्स, हथगोलों और रॉकेट लॉन्चर्स के साथ हमले के उद्देशय से आये आतंकवादियों को केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की 33 वीं बटालियन के जवानों ने मार गिराया था  यह कॉमिक्स उसी घटना का विवरण है।  

 जांबाज़ इलांगो

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादियों के लिए काल बनकर आये श्री एस. इलांगो की शौर्यगाथा।  केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री एस. इलांगो देश के उन दिलेर अधिकारीयों में गिने जाते हैं जिन्होंने अपने साहस और सूझबूझ से देश में आतंकवादियों, माओवादियों के विरुद्ध कई बड़े ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
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शूरवीर प्रकाश 

एक शौर्य चक्र और छः पुलिस वीरता पदकों से सम्मानित देश के अलंकृत पुलिस अधिकारी श्री प्रकाश रंजन मिश्र के हैरत अंगेज़ कारनामों से अवगत कराती कॉमिक्स, जानिए कैसे एक वीर अधिकारी ने एक गोली पैर में, चार गोलियां दाहिने कंधे के नीचे सीने में और एक गोली कान को छीलकर निकल जाने के बावजूद माओवदियों के विरुद्ध एक बड़े अभियान को  सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
DOWNLOAD शूरवीर प्रकाश 


 सरदार पोस्ट 
9 अप्रैल को गुजरात के रण ऑफ़ कच्छ में वीरता साहस और रण कौशल की एक अद्वितीय  मिसाल रच गई जब केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल की एक छोटी से टुकड़ी ने एक पाकिस्तानी ब्रिगेड को न सिर्फ धुल छठा दी बल्कि उसे पराजित कर पीछे लौटने पर मजबूर कर दिया।  दुनिया के युद्ध इतिहासों में दर्ज एक अनूठी शौर्यगाथा।  
 

 वीर भृगुनन्दन
केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल के लिए प्रथम कीर्ति चक्र प्राप्त करने वाले अमर शहीद भृगुनंदन चौधरी की कहानी वीरता, साहस, बलिदान और मित्र भाव की पराकाष्ठा की कहानी है। अमर शहीद भृगुनंदन बारूदी सुरंग में अपने दोनां पैर गवां देने के बावजूद माओवादियों का सामना करते रहे। यह वह स्थिति थी जब माओवादियों
के हमले में उनका पूरा दल बिखर गया था और उनके साथी सिपाही का दाहिना बाज़ू बारूदी सुरंग के विस्फोट
में उड़ गया, उस स्थिति में भी उन्होंने न सिर्फ़ माओवादियों के एक बहुत बड़़े दल को रोके रखा बल्कि अपनी अंतिम सांस तक अपने साथी सिपाही की मदद भी की। अमर शहीद भृगुनंदन चौधरी देशभक्ति, वीरता, साहस और मित्र भाव की अनूठी मिसाल पेश बना गये हैं। अमर शहीद भृगुनंदन चौधरी केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल के प्रथम सदस्य हैंजिन्हें अद्वीतिय वीरता के लिये मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
 
वीर जवानो के साहस और वीरता की सच्ची घटनाओं को बयान करती ये कॉमिक्स पढ़िए और गर्व कीजिये उन वीर जवानो पर जिनके कारण आज हम सुरक्षित हैं और  जब भी आप देश के किसी वीर जवान से मिले तो उन्हें सम्मान के साथ सैल्यूट ज़रूर कीजियेगा।  जय हिन्द

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