हिमाचल के मुस्लिम आईएएस/आईपीएस दंपति ने शहीद की बेटी को गोद लेकर पेश की इंसानियत की मिसाल - IAS-IPS Couple Adopt Martyr Paramjit Singh Daughter - Nazariya Now

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Saturday, May 6, 2017

हिमाचल के मुस्लिम आईएएस/आईपीएस दंपति ने शहीद की बेटी को गोद लेकर पेश की इंसानियत की मिसाल - IAS-IPS Couple Adopt Martyr Paramjit Singh Daughter

पाकिस्तान द्वारा पुंछ सेक्‍टर में किये गए कायराना हमले में देश की रक्षा करते हुए पंजाब के वीर सपूत  परमजीत सिंह शहीद हो गए थे। उनकी 12 साल की बेटी खुशदीप ने पिता के अंतिम संस्कार के समय उन्हें सैल्यूट कर विदाई दी थी।  हिमाचल में तैनात आईएएस अफसर यूनुस और मुकि पत्नी आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा ने शहीद परमजीत सिंह की  बेटी खुशदीप को गोद लिया है।  आईएएस अफसर यूनुस और ूँकि पत्नी आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा ने शहीद परमजीत सिंह की बेटी की पढ़ाई लिखाई का पूरा खर्चा उठाने सहित उसे कानूनी रूप से अपनी बेटी का अधिकार देने का वादा भी किया है।  उन्होंने न सिर्फ खुशदीप को अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए उसको गोद लिया बल्कि उसके परिवार से उसे एक काबिल अफसर बनाने का वादा भी किया। साथ ही दोनों खुशदीप को सामजिक तौर पर भी अपनाने जा रहे है।




आईएएस अफसर यूनुस और उनकी  पत्नी आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा का 4 साल बेटा है उनका कहना है की अब उनके बेटे को बहन का साथ और प्यार मिल सकेगा।  उन्होंने शहीद के परिवार से कहा कि हमें खुशी है कि भाई को बहन मिल गई। आईएएस अफसर यूनुस और उनकी पत्नी अंजुम आरा का कहना है की शहीद परमजीत सिंह की बेटी खुशदीप की इच्छा पर निर्भर करता है की बेटी अपने परिवार के साथ रहना चाहती है या फिर उनके साथ ये फैसला उसका होगा वो जो भी फैसला लेगी वो उस फैसले का सम्मान करेंगे।  

2010 के आईएएस बैच के अधिकारी युनूस वर्तमान में हिमाचल के जिला कुल्लू में बतौर डीसी तैनात हैं। अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चित अधिकारियों में शुमार युनूस जनता के लिए दिन-रात हाजिर रहते हैं। उनकी पत्नी  2011 बैच की आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा वर्तमान में जिला सोलन में एसपी के पद पर तैनात हैं। हिमाचल में आईएएस अफसर यूनुस और अंकित पत्नी आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा को यूथ आइकन के तौर पर देखा जा रहा है। युवाओं में दोनों अधिकारी खूब चर्चित हैं। हिमाचल दोनों अधिकारों की पहचान ईमानदार और कर्त्वयनिष्ट आदर्श अधिकारी के रूप जाना जाता है।  


आईएएस अफसर यूनुस और उनकी पत्नी आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा का यह क़दम एक बेहतरीन मिसाल है। शहीद को सम्मान देने का उनका यह तरीक़ा क़ाबिले तारीफ है।  आज देश में जब हर तरफ नफरत का माहौल बन रहा है ऐसे में  आईएएस/आईपीएस दंपति का यह क़दम बहुत सुकून देने वाला है।  यक़ीनन इस क़दम से देश की एकता और भाईचारे को मज़बूती मिलेगी । आईएएस/आईपीएस दंपति का यह काम बाक़ी लोगों को शहीदों के परिवारों को सम्मान देने के लिए प्रेरित करेगा। 

जब एक जवान शहीद होता है तो पूरा देश उस जवान और उसके परिवार का ऋणी हो जाता है।  देश के लिए दिया गया बलिदान अनमोल होता है उस ऋण को किसी भी तरह उतारा नहीं जा सकता है।  देश के हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है देश के जवान और उसके परिवार को सम्मान देने की।  देश सदैव उन वीर जवानों और उनके परिवार का का ऋणी रहेगा जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया है। 



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