जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क 3 - अंतरिक्ष में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भारत का एक और सफल कदम - Nazariya Now

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Monday, May 22, 2017

जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क 3 - अंतरिक्ष में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भारत का एक और सफल कदम

अंतरिक्ष में भारत बहुत जल्द एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में देश के सबसे ज़्यादा पॉवरफुल राकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल -मार्क 3 (जीएसएलवी मार्क 3) की तैयारी चल रही है । जून के पहले सप्ताह में इसे लांच करने की तैयारी है।  इसरो के अनुसार यह राकेट लगभग  640 टन वज़नी है।  जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च वाहन-मार्क 3 का क्रायोजेनिक इंजन देश के वैज्ञानिकों द्वारा ही विकसित किया गया है। जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च वाहन-मार्क 3  अंतरिक्ष में लगभग 4 टन वजनी उपग्रहों को उठा सकता है।  जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च वाहन-मार्क 3  संचार यान को अंतरिक्ष में 36,000 किमी दूर भू-स्थिर कक्षाओं में लॉन्च करने में सक्षम होगा।  जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च वाहन-मार्क 3 का सफल प्रक्षेपण देश को अंतरिक्ष के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम साबित होगा. वर्तमान में इसरो के पास 2.2 टन तक के पेलोड को लॉन्च करने की क्षमता है। जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च वाहन-मार्क 3  के सफल परिक्षण के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पास 4 टन तक वजनी उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले जाने की श्रमता होगी।  

 अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत लगातार नई नई बुलंदियां की और बढ़ रहा है। फ़रवरी 2017 में भारत ने एक साथ पहले ही प्रयास में 104 सेटेलाइट अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित करके पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया था। पहले प्रयास में इतनी बड़ी सफलता प्राप्त करने वाला भारत पहला देश है। इस बड़ी सफलता के 3 महीने के अंदर ही 5 मई 2017  को आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से जीएसएलवी- 9 उपग्रह का सफलता पूर्वक प्रक्षेपण किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(ISRO) ने जीएसएलवी- 9 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। इसके साथ ही आधुनिकतम संचार उपग्रह जीसैट-9  को भेजा गया। इस प्रक्षेपण में भारत ने दक्षिण एशियाई उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया है। लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का पूरा खर्च भारत ने उठाया था।  अंतरिक्ष में भारत की लगातार  में बढ़ती हुई  सफलता को देखते हुए यक़ीन से कहा जा सकता है की आने वाला समय भारत का होगा। भविष्य में भारत अंतरिक्ष में अग्रणी देशों की सूची में प्रथम पंक्ति में होगा।

 




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