नेशनल टेक्नोलॉजी डे 11 मई - 11 May National Technology Day - Nazariya Now

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Wednesday, May 10, 2017

नेशनल टेक्नोलॉजी डे 11 मई - 11 May National Technology Day

11 मई  1998 को भारत ने अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण पोखरण (राजस्थान) में किया था।  यह सफल परीक्षण टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।  इस उपलब्धि के कारण 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) के रूप में घोषित किया गया।  11 मई  से देश की और भी कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां जुडी हुई हैं।  भारत में निर्मित देश के पहले  एयरक्राफ्ट हंस 3 ने 11 मई को उड़ान परीक्षण में सफलता प्राप्त  की थी।  भारत में निर्मित त्रिशूल मिसाइल का सफल परीक्षण भी 11 मई को हुआ था।  11 मई का  दिन देश में बढ़ती  टेक्नोलॉजी में मिली महत्वपूर्ण उपलब्धियों को याद करने के लिए मनाया जाता है।  इस दिन टेक्नोलॉजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों और इस क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है।   





भारत ने  टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लगातार तरक़्क़ी कर रहा है।  आज भारत परमाणु शक्ति संपन्न देश बन चूका है। भारत ने खुद अपना मिसाइल रक्षा तंत्र बनाने में कामयाबी हासिल की है।  पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, धनुष, शौर्य आदि मिसाइल स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया है।  देश में टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने और लोगों को टेक्नोलॉजी के ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल के लिए डिटिजल इंडिया मिशन बनाया गया है। डिजिटल इंडियन मिशन के तहत देश को तकनीक के क्षेत्र में और अधिक सक्षम बनाए का मिशन रखा गया गया है।  डिजिटल इंडिया मिशन में 9 आधारभूत चीज़ों को शामिल किया है। (1) ब्राडबेण्ड हाई-वे   (2) मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए सार्वभौमिक ऐक्सेस   (3) जनता इन्टरनेट ऐक्सेस कार्यक्रम    (4) ई-गवर्नेन्स – तकनीकी के जरिये सरकार में सुधार   (5)  ई-क्रान्ति- सेवाओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रदान करना   (6)  सभी के लिए सूचनायें (7) इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन   (8) नौकिरयों के लिए आईटी    (9) जल्दी पैदावार कार्यक्रम।



टेक्नोलॉजी में भारत लगातार बुलंदियां हासिल कर रहा है। फ़रवरी 2017 में भारत ने एक साथ पहले ही प्रयास में 104 सेटेलाइट अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित करके पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया था। पहले प्रयास में इतनी बड़ी सफलता प्राप्त करने वाला भारत पहला देश है। 5 मई 2017 को शाम 4.57 मिनट पर आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से जीएसएलवी- 9 उपग्रह का सफलता पूर्वक प्रक्षेपण किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 5 मई 2017 को जीएसएलवी- 9 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। इसके साथ ही आधुनिकतम संचार उपग्रह जीसैट-9  को भेजा गया। इस प्रक्षेपण में भारत ने दक्षिण एशियाई उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया है। लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का पूरा खर्च भारत ने उठाया है।


टेक्नोलॉजी में बढ़ती हुई भारत की सफलता को देखते हुए यक़ीन से कहा जा सकता है की आने वाला समय भारत का होगा। भविष्य में भारत टेक्नोलॉजी में अग्रणी देशों की सूची में प्रथम पंक्ति में होगा।

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