क्या सैनिकों की शहादत मुआवज़ा दिया जा सकता है ? - Nazariya Now

HIGHLIGHTS

Sunday, May 21, 2017

क्या सैनिकों की शहादत मुआवज़ा दिया जा सकता है ?

गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में ऐलान किया की अर्धसैनिक बल के जवान को शहीद होने पर 1 करोड़ रुपये मुआवज़ा दिया जायेगा।  गृहमंत्री द्वारा शहीद जवानों के लिए मुआवज़े शब्द का इस्तेमाल करने पर मुझे आपत्ति है।  शहीद जवानों के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करना मेरे विचार में उनकी शहादत का अपमान करने जैसा है।  मुझे इस शब्द पर आपत्ति क्यों है ? ये समझने के लिए हम ''मुआवज़ा'' शब्द का मतलब समझते हैं।  मुआवज़ा उस रक़म या मदद को माना जाता है जो किसी को किसी तरह का नुकसान होने पर उसके  नुकसान की भरपाई करने की लिए दी जाती है,  इस रक़म या मदद से उस व्यक्ति के नुकसान को ख़त्म या कम किया जा सकता है।  एक सैनिक जो देश के लिए शहीद हो गया है क्या उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये देकर उस नुकसान की भरपाई होना मुमकिन है ? बिलकुल नहीं देश के एक जवान के खून की एक एक बूँद अनमोल है, 1 करोड़ रुपये तो क्या सारी दुनिया की दौलत मिलाकर  देश पर उसकी शहादत का क़र्ज़ नहीं उतारा जा सकता।  

जब एक जवान शहीद होता है तो देश उस जवान और उसके परिवार का क़र्ज़दार बन जाता है, और ये क़र्ज़ किसी रक़म या मदद से उतारा नहीं जा सकता है। जो जवान अपने घर परिवार से दूर सिर्फ देश की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर पूरी मुस्तैदी के साथ अपना फ़र्ज़ निभा रहा है, जिस जवान की वजह से देश दुश्मनो से सुरक्षित है, वो जवान जिसकी शहादत का क़र्ज़ हर देशवासी पर है उसकी शहादत के लिए सरकार मुआवज़ा देने की बात कर रही है। गृहमंत्री को मुआवज़े की जगह ''सम्मान राशि'' या ऐसी ही किसी सम्मानजनक शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए । देश के लिए फ़र्ज़ निभाते हुए शहीद होने वाले जवान के लिए मुआवज़े जैसे शब्द का इस्तेमाल करना निंदनीय है।  


लेखक : शहाब खान

No comments:

Post a Comment