किसान आंदोलन और मुख्यमंत्री का अनशन - Nazariya Now

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Saturday, June 10, 2017

किसान आंदोलन और मुख्यमंत्री का अनशन

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। कुछ समय पहले दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी अनशन किया था तब राजनैतिक पार्टियों और मीडिया ने अरविन्द केजरीवाल का जमकर मज़ाक बनाया। मुख्यमंत्री द्वारा अनशन की बात सुनने में  अजीब लगती है।  मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार है, केंद्र में भी बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार है, देश के अधिकरतर राज्यों में भी बीजेपी की ही सरकार है, केंद्र से लेकर राज्यों तक में हर जगह बीजेपी के पास फैसले लेने का अधिकार है फिर किसान आंदोलन के मुद्दे पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का अनशन आखिर क्यों ? 


एक तरफ पुरे प्रदेश में किसान आंदोलन उग्र होता जा रहा है, किसानों पर हुई गोलीबारी में कई किसानों की मौत हो गई है, ऐसे समय में प्रदेश के मुखिया होने के नाते समस्या का हल निकलने की कोशिश होनी चाहिए थी।  सिर्फ अनशन करने से समस्या हल नहीं होने वाली है।  किसानों की समस्याओं को समझकर उनको सुलझाना होगा।  एक मुख्यमंत्री द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन करने का मतलब क्या है ? मुख्यमंत्री को समझना चाहिए वो कोई विपक्ष के नेता नहीं है जो किसी मुद्दे के लिए अनशन शुरू कर दें, मुख्यमंत्री खुद अपने राज्य का मुखिया होता है, उसके पास राज्य से संभावित फैसले लेने का अधिकार होता है फिर उसे  किसी  समस्या के समाधान के लिए अनशन की क्या ज़रूरत है ? आमतौर पर अनशन, धरना प्रदर्शन सरकार के खिलाफ अपनी मांगों के लिए किया जाता है लेकिन यहाँ तो खुद सरकार (मुख्यमंत्री) ही अनशन कर रही है।  जिसके पास खुद समस्या का समाधान है आखिर उसे अनशन करने की क्या ज़रूरत आन पड़ी ?

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