मध्यप्रदेश को ''कृषि कर्मण पुरस्कार'' दिलाने वाले किसानो पर गोली की घटना निंदनीय - Nazariya Now

HIGHLIGHTS

Friday, June 9, 2017

मध्यप्रदेश को ''कृषि कर्मण पुरस्कार'' दिलाने वाले किसानो पर गोली की घटना निंदनीय

मंदसौर मध्य प्रदेश में किसानों पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद से तनाव बढ़ता जा रहा है।  प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया है।  कई जगह आगजनी और हिंसा की ख़बरें हैं।  इस मुद्दे पर राजनीति भी गहराती जा रही है सरकार और विपक्ष का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी जारी है। जय जवान जय किसान की बात करने वाले देश में किसानों पर हुई गोलीबारी की घटना की पूरे देश में निंदा हो रही है। वर्ष 2017 में मध्यप्रदेश को लगातार पांचवी बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है।  मध्यप्रदेश को यह पुरस्कार सर्वाधिक गेंहू के उत्पादन के लिए मिला है।  ज़ाहिर सी बात है मध्यप्रदेश को यह अवार्ड किसानो की मेहनत के कारण  ही मिला है।  किसानों के कारण प्रदेश को सम्मान मिला, किसानो ने अपनी मेहनत से प्रदेश को गौरवान्वित किया और बदले उन किसानों पर गोली चालाये जाने की घटना निंदनीय है।

 
मध्यप्रदेश में किसानो की प्रमुख मांगों में उचित समर्थन मूल्य दिया जाना, मंडी का रेट फिक्स करना, किसानों का कर्ज़माफी,  स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना आदि हैं। देश में किसानो की स्थिति बहुत ख़राब है। देश को अन्न देने वाला अन्नदाता पर खुद अन्न का संकट है। पहले ही प्रकृति की मार झेल रहे किसानों के साथ सरकार (केंद्र व राज्य) का लापरवाही का रवैया बहुत चिंतनीय है।  क़र्ज़ के बोझ में दबे किसानो की आत्महत्या के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।  कृषि प्रधान देश माने जाने वाले भारत में किसानों की दुर्दशा चिंतनीय है। देश को अन्न देने वाला अन्नदाता पर खुद अन्न का संकट है। मंदसौर की घटना पर सरकार और विपक्ष का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी जारी है, दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।  प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री ने तो अभी तक इस मुद्दे पर अपना कोई बयान तक नहीं दिया है।  देश में इतनी बड़ी घटना पर प्रधानमंत्री की चुप्पी हैरत की बात है।  किसान को धरती पुत्र और अन्नदाता कहा जाता है, किसान का महत्व बताने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री जी ने ''जय जवान, जय किसान'' का नारा दिया ताकि देशवासी सेना के जवान और किसान का देश के लिए महत्व जान सकें।  किसानों की मेहनत से लगातार 5 साल तक कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने वाले मध्यप्रदेश में किसानों  पर गोलीबारी की घटना बहुत शर्म को बात है। 

No comments:

Post a Comment