नफरत की अँधियों के बीच मोहब्बत और इंसानियत के रोशन चिराग़ - Nazariya Now

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Thursday, July 13, 2017

नफरत की अँधियों के बीच मोहब्बत और इंसानियत के रोशन चिराग़

कुछ दिन पहले कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों की बस पर  आतंकवादी हमला हुआ।  इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई।  बस में लगभग 50 से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे।  यात्रा के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर हमले की घटना निंदनीय है।  देश में पहले ही काफी समय से आतंक का माहौल बना हुआ है ऐसे में ये घटना निंदनीय है।  देश में नफरत और हैवानियत के इस माहौल में कुछ लोग हैं जो मोहब्बत और इंसानियत के सिपाही बनकर आगे बढ़कर एक मिसाल क़ायम करते है, अमरनाथ यात्रियों की जान बचाने वाले बस ड्राइवर सलीम भी ऐसे ही एक मोहब्बत और इंसानियत सिपाही हैं।  सलीम ने जिस बहादुरी और हिम्मत के साथ हमलावरों से डरे बिना बस को तेज़ स्पीड में चलाकर यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया वो क़ाबिले तारीफ है।


मोहब्बत और इंसानियत के ऐसे ही एक और सिपाही हैं बुरहानपुर (म. प्र.) के सुभाष कोली।  कुछ दिन पहले जब पुलिस ने इंडिया-पाकिस्तान के मैच के बाद बुरहानपुर के एक गांव के 15 लोगों के पाकिस्तान की जीत पर पटाखे चलाने और पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने के झूठे आरोप में गिरफ्तार लिया गया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार हुए लोगों के खिलाफ पडोसी सुभाष कोली द्वारा  पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जब सुभाष कोली को मालूम हुआ की पुलिस ने उनके नाम से बेगुनाह लोगों को झूठे आरोप में गिरफ्तार किया है तो उन्होंने अदालत में शपथपत्र देकर बताया की उन्होंने अपने पड़ोसियों के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। सुभाष कोली ने पुलिस के झूठ पर्दाफाश करके इंसानियत के मिसाल पेशी की है।

इसी तरह देश में भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं के विरोध में 28 जून को देश में दिल्ली और कई अन्य शहरों में Not in My Name के बैनर के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया।  इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अमनपसंद लोग शामिल हुए और हत्यारी भीड़ के खिलाफ अपना शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शित किया।  इस प्रदर्शन के ज़रिये not in my name से मतलब यह बताना है की ये हिंसा ''मेरे नाम पर नहीं''  लोगों ने सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक Not in My Name अभियान में हिस्सा लिया। देश में लगातार अलग अलग शहरों में अमनपसंद लोग Not in My Name जैसे अभियान में हिस्सा लेकर अपनी एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं।   देश को नफरत की आग में जलने से बचाने के लिए इस तरह के अभियानों की बहुत ज़रूरत है। आज देश में जिस तरह नफरत का माहौल बनाया जा रहा है, झूठी खबरें और ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़मरोड़कर लोगों को लोगों को भड़काया जा रहा है ऐसे में सलीम और सुभाष कोली और Not in My Name जैसे अभियान मोहब्बत और इंसानियत की एक मिसाल हैं।  ऐसे ही लोग देश को जोड़ने का काम करते हैं।  इन्हीं लोगों की वजह से ही देश में एकता और भाईचारा क़ायम है।  नफरत की अँधियों में ये लोग मोहब्बत और इंसानियत का चिराग रोशन किये हुए हैं । यही लोग देश का गौरव हैं।

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