कॉमिक्स कल्पना और रचनात्मकता का अद्धभुत संसार - Nazariya Now

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Tuesday, February 6, 2018

कॉमिक्स कल्पना और रचनात्मकता का अद्धभुत संसार

कॉमिक्स एकमात्र ऐसी चीज़ जो हमें वापस अपने बचपन के कल्पनाओं के संसार में ले जाती है। एक ऐसा शब्द जिसे सुनते ही बचपन की सारी यादें ताज़ा हो जाती हैं। कॉमिक्स के बारे में सोचते ही बहुत सारे कैरेक्टर्स आँखों के सामने आ जाते हैं जैसे नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव, चाचा चौधरी-साबू, बिल्लू, पिंकी, डोगा, परमाणु, भोकाल, अंगारा, तौसी, परमाणु, तिरंगा, बांकेलाल और भी बहुत से कैरेक्टर्स।  ऐसा लगता है जैसे ये कॉमिक्स कैरेक्टर्स न होकर हमारे बचपन के साथी हैं।  इनके साथ बचपन की बहुत सी यादें जुड़ी हुई हैं।  इन कैरेक्टर्स जुडी बातें, नागराज  का हरा शरीर, उसका खास हेयर स्टाइल, सुपर कमांडो ध्रुव की नीली-पीली ड्रेस, डोगा के हथियार इन सबमे एक अलग ही आकर्षण है  जो हमेशा से कॉमिक्स फैंस को अपनी और आकर्षित करता रहा  है।  हर कैरेक्टर्स का अपना खास स्टाइल जिससे उसकी पहचान जुडी है।  बुद्धिमान चाचा चौधरी जिनके पास हर मुश्किल का हल है।  बिल्लू जिसकी आंखे हमेशा उसके बालों से छुपी रहती हैं जो हमेशा अपनी चुलबुली शरारतों से सबका मनोरंजन करता है।  चुलबुली और शरारती पिंकी सबका दिल जीत लेती है।  हर कैरेक्टर्स के खास डायलॉग जैसे ''चाचा चौधरी का दिमाग कंप्यूटर से तेज़ चलता है'',  ''साबू को गुस्सा आता है तो ज्वालामुखी फटता है'', ''डोगा मुश्किलों को हल नहीं करता उन्हें जड़ से उखाड़ देता है'', और बांकेलाल का वो खास डायलॉग ''वो मारा पापड़ वाले को'' जिससे पता चल जाता है उसने कोई नया षड्यंत्र बना लिया है, राजा विक्रम सिंह के खिलाफ उसके षड़यंत्र जो कभी सफल नहीं होते, और उसकी राजा बनने की इच्छा जो अभी तक पूरी नहीं हुई है।  फाइटर टोड्स तो सबके चहेते हैं ।  उनका कॉमेडी स्टाइल तो सबसे अलग ही है ।


मनोज कॉमिक्स कैरेक्टर्स राम रहीम, हवलदार बहादुर, महाबली शेरा आदि बहुत लोकप्रिय हुए,  साथ ही तुलसी कॉमिक्स के कैरेक्टर्स अंगारा, जम्बू, तौसी आदि ने भी कॉमिक्स फैंस के दिलों में अपनी खास जगह बनाई।  मनोज कॉमिक्स में राम रहीम की ''ड्राकुला सीरीज'' को अपने समय की सबसे लोकप्रिय कॉमिक्स माना जाता है।  राज कॉमिक्स द्वारा ''किंग कॉमिक्स'' नाम से भी कॉमिक्स का प्रकाशन किया गया।  किंग कॉमिक्स के कैरेक्टर्स  अभेद, लिज़ा, ब्लाइंड डेथ, वेगा, हंटरशार्क्स भी काफी लोकप्रिय रहे। किंग कॉमिक्स के कुछ करैक्टर को बाद में राज कमिक्स में ही सम्मिलित कर लिया गया और उसके कुछ कैरेक्टर्स  की कॉमिक्स का प्रकाशन भी हुआ।


वर्ष 1995 से 2000 तक का समय कॉमिक्स का स्वर्णिम समय माना जा सकता है । ये वो समय था जब हर महीने कॉमिक्स का एक नया सेट रिलीज़ होता था और हर सेट में  4 - 5 नई कॉमिक्स आती थी। 60 पेज की कॉमिक्स की क़ीमत लगभग 20-30  रुपये होती थी, और 1-2 रुपये में किराये पर लेकर भी पड़ा जा सकता था । उस समय कॉमिक्स के विज्ञापन भी बहुत आकर्षक और लुभावने हुआ करते थे।  विज्ञापन देखकर ही  कॉमिक्स का बेसब्री से इंतज़ार शुरू हो जाता था।  बुक स्टाल पर बार बार जाकर नई सेट के बारे में पुछा जाता था।  उस समय कुछ ऐसी कॉमिक्स आई जिन्हे कॉमिक्स के इतिहास में मील का पत्थर माना जा सकता है।  वर्ष 1995 में राज कॉमिक्स में नागराज की ''खज़ाना सीरीज'' ने कॉमिक्स फैंस के दिलों में खास जगह बनाई।  1997 में आई सुपर कमांडो ध्रुव की ''खूनी खानदान सीरिज़'' भी खज़ाना सीरीज की तरह ही सफल रही।  वर्ष 1996 में एक ऐसी कॉमिक्स आई जिसने कॉमिक्स फैंस का दिल जीत लिया।  राज कॉमिक्स की ये पहली 90 पेज की कॉमिक्स थी और स्पेशल फोल्डेड कवर के साथ आई।  अनुपम सिन्हा जी की कहानी और आर्ट ने इस कॉमिक्स को यादगार  बना दिया ।  इसके बाद तो इस तरह की  फोल्डेड कवर वाली कॉमिक्स लगतार आती रहीं, ''प्रलय'' ''विनाश'' ''तानाशाह''  ''सुरमा''  ''कलियुग''  ''कोहराम''  ''क़यामत'' ''निशाचर'' आदि।  आज भी कॉमिक्स कलेक्टर के पास इन कॉमिक्स की ओरिजिनल कॉपी हैं।  बाद में राज कॉमिक्स ने इन कॉमिक्स को रीप्रिंट भी किया लेकिन उनमे फोल्डेड कवर नहीं था, हालाँकि फिर कॉमिक्स फैंस की मांग को देखते हुए राज कॉमिक्स ने कॉमिक्स को पहले की तरह फोल्डेड कवर और पुराने विज्ञापनों के साथ फिर रीप्रिंट किया।  राज कॉमिक्स के अलावा डायमंड कॉमिक्स, मनोज कॉमिक्स, तुलसी कॉमिक्स आदि की कॉमिक्स भी  खासी पसंद की जाती थी।  भारत की सबसे बड़ी और लोकप्रिय कॉमिक्स कंपनी राज कॉमिक्स ने अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में क़दम रख दिया है।  राज कॉमिक्स ने ''राज प्रेम फिल्म्स'' के रूप में फिल्म निर्माण शुरू किया है।  राज प्रेम फिल्म्स की पहली वेब सीरीज ''आदमखोर'' की  2018  में रिलीज़ होने की संभावना है, साथ ही राज कॉमिक्स द्वारा डोगा पर वेब सीरीज और परमाणु की एनीमेशन वेब सीरीज पर भी काम चल रहा है । फेनिल कॉमिक्स द्वारा भी ''वेताल'' और ''जासूस बलराम'' वेब सीरीज़ का निर्माण भव्य स्तर पर किया जा रहा है,  इन वेब सीरीज़ में बेहतरीन वी.एफ.एक्स और विज़ुअल इफै़क्ट के प्रयोग के कारण ये सीरीज अंतराष्ट्रीय वेब सीरीज के स्तर की होंगी।  उम्मीद हैं ये वेब सीरीज दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा उतरेगी और इसकी सफलता भारत में  सुपरहीरो आधारित टीवी/वेब सीरीज के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

समय के साथ साथ धीरे धीरे बहुत सी कॉमिक्स कंपनियां बंद होती चली गई।  इंद्रजाल कॉमिक्स, फोर्ट कॉमिक्स, मधु मुस्कान, गोयल कॉमिक्स, मनोज कॉमिक्स, तुलसी कॉमिक्स, नूतन कॉमिक्स, राधा कॉमिक्स, पवन कॉमिक्स, दुर्गा कॉमिक्स आदि कुछ प्रमुख कॉमिक्स कंपनियां हैं जो अब बंद हो चुकी हैं।  इन कॉमिक्स कंपनियों के बंद हो जाने के बाद भी बहुत से कॉमिक्स फैंस ने इन कंपनियों की कॉमिक्स को अपने कलेक्शन में सहेजकर रखा हुआ है।


वर्तमान में राज कॉमिक्स, डायमंड कॉमिक्स, फेनिल कॉमिक्स,   अमर चित्रकथा, कैंपफायर ग्राफ़िक्स नावेल, हौली काऊ एंटरनमेंट, याली ड्रीम्स क्रिएशन्स,  ऑरेंज रेडियस, स्पीच बबल एंटरनमेंट, विमानिका कॉमिक्स, आयुमी प्रोडक्शन, रेड स्ट्रीक पब्लिकेशन, TBS प्लेनेट, ग्राफ़िक इंडिया आदि प्रमुख कॉमिक्स कंपनियों द्वारा कॉमिक्स का प्रकाशन जा रहा है।  राज कॉमिक्स, डायमंड कॉमिक्स और फेनिल कॉमिक्स द्वारा ही हिंदी कॉमिक्स का प्रकाशन किया जा रहा है अन्य कंपनियां इंग्लिश में कॉमिक्स / ग्राफ़िक नावेल का प्रकाशन कर रही हैं, हालाँकि कैंपफायर ग्राफ़िक्स नावेल और याली ड्रीम्स क्रिएशन्स द्वारा कुछ हिंदी कॉमिक्स / ग्राफ़िक नावेल का प्रकाशन किया गया है।  इस वर्ष Fiction Comics नाम से एक और नई कॉमिक्स कंपनी की शुरुआत हो रही है, Fiction Comics  की स्थापना कॉमिक्स  आर्टिस्ट श्री सुशांत पांडा और श्री बसंत पांडा द्वारा  की गई है. जल्दी ही Fiction Comics फ़रवरी-मार्च में रिलीज़ होने वाली है।

कॉमिक्स कंपनियों के साथ ही Independent Creators द्वारा भी कॉमिक्स इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।  इनमे Freelance Talents सबसे प्रमुख नाम है। Freelance Talents के फाउंडर मोहित शर्मा जी हैं।  Freelance Talents की शुरुआत दिसंबर 2006 में हुई।  Freelance Talents द्वारा काव्य कॉमिक्स, सामाजिक, हॉरर, कॉमेडी, आदि विभिन्न प्रकार की कॉमिक्स का प्रकाशन किया जा रहा है, साथ ही नए टैलेंटेड आर्टिस्ट को को अपना टैलेंट सामने लाने के लिए एक प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराया जा रहा है।   इसके साथ ही मोहित शर्मा जी  द्वारा  वर्ष 2012 में Indian Comics Fandom की शुरुआत एक मैगज़ीन के रूप में की गई।  वर्ष 2013 में Indian Comics Fandom Award की शुरुआत की गई जिसमे प्रतिवर्ष विभिन्न श्रेणियों में कॉमिक्स कलाकारों को नामाकिंत किया जाता है।  साथ ही Indian Comics Fandom द्वारा विभिन्न प्रकार की कॉमिक्स सम्बन्धी एक्टिविटी का आयोजन किया जाता है। 

कॉमिक्स आर्टिस्ट शम्भू नाथ महतो जी द्वारा COMICS THEORY प्रोजेक्ट के तहत GHOSTS OF INDIA-Horror Comics Anthology की शुरुआत की गई है।  इस प्रोजेक्ट में 50+ लेखकों की  कहानियों पर करीब 20 से जायदा चित्रकारों के द्वारा बनाये गए कॉमिक्स को लाया जायेगा।    दिसम्बर 2017 को Delhi में आयोजित Comics Fan Fest-8 में  इसका प्रस्तुतीकरण किया गया था। शम्भू नाथ महतो जी एक Documentary Film “Indian Comics Fans” पर भी काम कर रहे हैं।



इन सब  अलावा  कॉमिक्स फैन्स द्वारा भी  कॉमिक्स के प्रति अपने जूनून और लगाव के लिए कॉमिक्स और कॉमिक्स से सम्बंधित मैगज़ीनों  का प्रकाशन किया जा रहा है। कॉमिक्स अवर पैशन (COP), फैन मेड कॉमिक्स (FMC), अल्टीमेट फैंस ऑफ़ कॉमिक्स (UFC), Illuminati कॉमिक्स, फ्रेम कॉमिक्स, और भी बहुत से कॉमिक्स फैन्स द्वारा कॉमिक्स के प्रति अपने जूनून और लगाव के लिए फैन मेड कॉमिक्स के साथ साथ स्वरचित किरदारों/सुपरहीरो  पर कॉमिक्स बनाई जा रही हैं। 

भारतीय कॉमिक्स कलाकारों की बात करें तो स्व. श्री प्राण कुमार शर्मा जी का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। प्राण जी के बनाये कॉमिक्स कैरेक्टर्स आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। प्राण जी के बनाये कॉमिक्स कैरेक्टर्स कोई सुपरहीरो नहीं थे वो पूरी तरह से आम लोगों की तरह दिखने वाले भारतीय कैरेक्टर्स थे।  बुज़ुर्ग चाचा चौधरी जो अपनी चतुराई से हर छोटी बड़ी मुश्किल को हल कर लेते हैं, शरारती बिल्लू जो अपने बेवकूफी भरी हरकतों से सबका मनोरंजन करता है, चुलबुली और नटखट पिंकी, रमन, श्रीमतीजी आदि सभी कैरेक्टर्स अन्य कॉमिक्स कैरेक्टर्स की तुलना में पूरी तरह आम भारतीय  लोगों के जैसे थे, इन कैरेक्टर्स में लोग खुद अपने आपको देखते और इनसे जुड़ाव महसूस करते थे।  भारतीय कॉमिक्स के लिए प्राण जी का योगदान अतुलनीय है।   अन्य लीजेंड कलाकारों में स्व. श्री प्रताप मलिक, स्व. श्री जे. एस. बेदी, श्री परशुराम शर्मा, श्री आबिद सुरति. श्री दिलीप कदम, श्री हुसैन ज़ामिन, श्री जगदीश भारती, श्री सुखवंत कलसी, श्री तरुण कुमार वाही आदि कलाकारों का योगदान भी अतुलनीय है। वर्तमान कॉमिक्स कलाकारों में श्री संजय गुप्ता, श्री मनीष गुप्ता जो भारत की सबसे बड़ी कॉमिक्स कंपनी राज कॉमिक्स के संस्थापक हैं।  श्री अनुपम सिन्हा जिनके द्वारा बनाया कैरेक्टर ''सुपर कमांडो ध्रुव'' भारत का सबसे लोकप्रिय और चहेता करैक्टर है। श्री फेनिल शेरडीवाला  जो भारत की लोकप्रिय कॉमिक्स कंपनी ''फेनिल कॉमिक्स'' के संस्थापक है, श्री धीरज वर्मा जो केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेशी कॉमिक्स कंपनियों के लिए भी आर्ट बना रहे हैं।  श्री मनु जी, श्री ललित कुमार, श्री हेमंत कुमार,  श्री नितिन मिश्रा, श्री सुशांत पांडा, श्री विनोद कुमार, श्री आदिल खान पठान, श्री शामिक दासगुप्ता, श्री विवेक गोयल, श्री अभिषेक मालसुनि, श्री गौरव श्रीवास्तव, श्री प्रसाद पटनायक आदि सभी कलाकार लगातार भारत में कॉमिक्स संस्कृति को सहेजने और बढ़ावा देने के लिए अपना योगदान दे रहे हैं।

भारत में कॉमिक्स संस्कृति को बढ़ावा देने और लोगों को कॉमिक्स से जोड़ने के लिए कॉमिक कॉन का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन देश के 5 बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद और पुणे में आयोजित किया जाता है।  इन आयोजन में देश-विदेश के कॉमिक्स फैंस इकठ्ठे होकर कॉमिक्स के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित करते हैं। राज कॉमिक्स द्वारा भी प्रतिवर्ष नागराज जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता।  देश में अलग अलग शहरों में भी कॉमिक्स फैंस द्वारा कॉमिक्स फेस्ट का  आयोजन किया जाता है। 

वर्तमान में कॉमिक्स इंडस्ट्री कठिन  दौर से गुज़र रही है।  बढ़ती महंगाई के कारण कॉमिक्स निर्माण की लागत बढ़ गई है, जिसकी वजह से कॉमिक्स की कीमतों में इज़ाफ़ा हुआ है, पहले मनोरंजन के साधन सीमित होने के कारण कॉमिक्स ही मनोरंजन का सबसे प्रमुख साधन हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ कंप्यूटर, इंटरनेट, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम्स आदि के कारण कॉमिक्स रीडर पहले के मुक़ाबले कम हुए हैं, नई जनरेशन अभी  भी कॉमिक्स से दूर है।  कॉमिक्स इंडस्ट्री के लिए एक  बड़ी परेशानी ऑनलाइन पायरेसी है।  बहुत से लोग नई रिलीज़ हुई कॉमिक्स को वेबसाइट / ब्लॉग पर अपलोड कर देते हैं जिसकी वजह से कॉमिक्स कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।  पायरेसी कानूनी अपराध है यह जानने के बावजूद भी कुछ लोग यह गलत काम कर रहे हैं। कॉमिक्स की पायरेसी पर रोक लगना बहुत ज़रूरी है। इसे रोकने के लिए कॉमिक्स फैंस को आगे आना होगा, सबसे पहले कॉमिक्स फ्री में पड़ने का लालच छोड़ना होगा, कॉमिक्स की पायरेसी करने वाली वेबसाइट / ब्लॉग का बॉयकॉट करना होगा।  कॉमिक्स को खरीदकर पड़ने की आदत बनानी होगी।  वर्तमान में लगभग सभी कॉमिक्स कंपनियों का ऑनलाइन स्टोर है जहाँ से कॉमिक्स खरीदी जा सकती है, उसके अलावा Amozon, Flipkart और  ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से भी कॉमिक्स खरीदी जा सकती है। 

कॉमिक्स पड़ने का असली मज़ा तो कंप्यूटर /लैपटॉप/ मोबाइल में पड़ने के बजाये कॉमिक्स हाथ में लेकर उसके पेज पलटते हुए पड़ने में ही आता है। हमें कॉमिक्स संस्कृति बचाने और बनाये  रखने में अपना योगदान देना होगा, अपने दोस्तों, परिचितों को  कॉमिक्स गिफ्ट करें ताकि वो भी इस अनमोल धरोहर से जुड़ सकें।  कॉमिक्स एक धरोहर है इसे आगे की जनरेशन तक ले जाना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।  तो फिर आइये कॉमिक्स की कल्पना और रचनात्मकता की अद्भुत दुनिया में खो जायें।

शहाब खान
©Nazariya Now

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