HIGHLIGHTS

Friday, April 3, 2020

लोकतंत्र का मुर्दा ( लघुकथा ) - लेखक : ध्रुव सिंह 'एकलव्य'

April 03, 2020
का ली अँधेरी ख़ुशनुमा सर्दी की रात! हॉस्पिटल के बाहर अज़ीब-सी चहलक़दमी! शहर के लोगों का हुज़ूम! कोई अपने सर पटक रहा था तो कोई अपनी छाती! नि...

Saturday, February 29, 2020

Friday, February 21, 2020

Friday, February 7, 2020

गोदी साहित्यकार ( लघुकथा ) - लेखक : ध्रुव सिंह 'एकलव्य'

February 07, 2020
रा त का पहर! बरगद के वृक्ष के नीचे बैठा पूरा गाँव।   "आज़ादी के सत्तर बरस गुज़र गये परन्तु यह गाँव आज भी किसी उजाले की प्रतीक्षा म...

Tuesday, February 4, 2020

Monday, January 27, 2020

लोकतंत्र के पैमाने पर भारत का रैंक क्यों गिरा ✍ रवीश कुमार

January 27, 2020
पूरी दुनिया में भारत की पहचान का अगर कोई ब्रांड अंबेसडर है तो वह भारत का लोकतंत्र है. लोकतंत्र हमारी पहचान का परचम रहा है. दमखम रहा है. दु...

शाहीन बाग को बचाना भारत को बचाना है ✍ प्रियदर्शन

January 27, 2020
शाहीन बाग में करीब 40 दिन से आंदोलन चल रहा है- बल्कि वह लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन को एक नई गरिमा, नई कलात्मकता, नई ऊंचाई और नई जनतांत्रि...

Tuesday, December 24, 2019