HIGHLIGHTS

Monday, January 11, 2021

मौजूदा किसान आन्दोलन और लाभकारी मूल्य का सवाल - कुछ बुनियादी बातें और कुछ ग़लत दावों का खण्डन ✍ अभिनव

January 11, 2021
  किसान आन्दोलन को चलते हुए अब क़रीब डेढ़ महीना बीत चुका है। हज़ारों किसान दिल्ली के बॉर्डरों पर इकट्ठा हैं। हम मज़दूरों और मेहनतकशों को जान...

Tuesday, December 15, 2020

लोकतंत्र की चप्पल ( व्यंग्य) - लेखक : ध्रुव सिंह 'एकलव्य'

December 15, 2020
  आ दरणीय कक्का, चरणों में प्रणाम स्वीकारिए! हाल-चाल कुशल-मंगल है। हस्तिनापुर की गर्मी बड़ा पसीना बहा रही है। वैसे गांधारी काकी कुंती बहन क...

Monday, September 7, 2020

किताब समीक्षा : जिओ पॉलिटिक्स (भाग 1) लेखक : नवनीत चतुर्वेदी

September 07, 2020
किताब : जिओ पॉलिटिक्स (भाग 1) लेखक : नवनीत चतुर्वेदी मूल्य : 350 रूपये प्रकाशक : लोकमित्र खोजी पत्रकार नवनीत चतुर्वेदी ने अ...

Tuesday, July 7, 2020

वह राह जिसकी कोई मंजिल नहीं - ✍ वीरेन्द्र बहादुर सिंह

July 07, 2020
बस में झटका लगा, तो नंदू की आंखें खुल गईं। उसने हाथ उठा कर कलाई में बंधी घड़ी देखी, ‘अरे अभी तो दो ही बजे हैं। बस तो दिल्ली सुबह साढ़े सात...

Wednesday, July 1, 2020

नया पकवान - (लघुकथा) - लेखक : डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

July 01, 2020
क महान राजा के राज्य में एक भिखारीनुमा आदमी सड़क पर मरा पाया गया। बात राजा तक पहुंची तो उसने इस घटना को बहुत गम्भीर मानते हुए पूरी जांच करा...

इन खोपड़ियों से दिमाग नहीं लेंगे - (लघुकथा) - लेखक : डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

July 01, 2020
उस आदमी ने अपनी बाएँ हाथ की खुली हथेली में चमक रहे पाम-गेजेट में दाहिने हाथ की अंगुली से ‘प्रतीक चिन्हों के द्वारा तीव्र लेखन’ और फिर ‘भ्र...

Thursday, June 4, 2020

Sunday, May 31, 2020

साक्षात्कार : लेखक श्री नृपेंद्र कुमार शर्मा

May 31, 2020
सवाल - अपने बारे में कुछ बताएं। नृपेंद्र जी - मेरा पूरा नाम  नृपेंद्र कुमार शर्मा है। जो साहित्य के क्षेत्र में अब नृपेंद्र शर्मा &qu...

Friday, April 3, 2020

लोकतंत्र का मुर्दा ( लघुकथा ) - लेखक : ध्रुव सिंह 'एकलव्य'

April 03, 2020
का ली अँधेरी ख़ुशनुमा सर्दी की रात! हॉस्पिटल के बाहर अज़ीब-सी चहलक़दमी! शहर के लोगों का हुज़ूम! कोई अपने सर पटक रहा था तो कोई अपनी छाती! नि...

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