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Wednesday, January 10, 2018

इंटरव्यू - साहित्य जगत की उभरती शख्सियत ख़ुशी सैफ़ी - An Exclusive Interview with Khushi Saifi

देश में हिंदी लेखन में कई जाने माने नाम है और सब मशहूर नामों के बीच कुछ  लोग ऐसे हैं जो कम  वक़्त में ही अपनी क़ाबलियत और सलाहियत से अपना एक खास  मुक़ाम बना लेते हैं। ख़ुशी सैफ़ी हिंदी साहित्य जगत में ऐसी ही एक उभरती शख्सियत का नाम हैं।  बहुत कम वक़्त में ही उन्होंने अपने लेखन से लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है।  उनकी  फैंटेसी नॉवेल ''जैक द क्लॉक राइडर'' काफी चर्चा में है इस नावेल का प्रकाशन सूरज पॉकेट बुक्स द्वारा कियागया है।  इससे पहले उनकी ई-बुक्स अमेज़न किंडल पर पब्लिश हो चुकी हैं और पाठकों ने उनके लेखन को काफी पसंद किया है। ख़ुशी सैफ़ी जी से एक इंटरव्यू  में अज़ीम खान ने  उनके कोशिश से कामयाबी तक के सफर के बारे में बातचीत की।




सवाल : सबसे पहले अपने बारे में बताइए, आपने लिखना कब से शुरू किया और इसका आइडिया आपको कहां से आया?

जवाब : मैं उत्तर प्रदेश की रहने वाली हूं। मेरी लिखने की ख़्वाहिश तो हमेशा से ही रही पर कहानियां लिखना मैं ने क़रीब एक साल पहले से शुरू किया। आइडिया तो कहीं से नहीं आया, शायद एक राइटर होना मेरे ख़ून में था क्योंकि मेरे पिताजी भी युवा अवस्था में लिखने का शौक़ रखते थे। पर उन्होंने अपना लिखा कभी कुछ प्रकाशित नहीं करवाया।

सवाल : आपका पसन्दीदा जेनर कौन सा है जिसमें आप लिखना पसन्द करती हैं?

जवाब : लिखने के लिए मैं यह नहीं देखती कि कहानी किस जेनर की है, बस जो दिल में आता है मैं वह लिख देती हूं। कहानी पूरी होने के बाद मुनासिब जेनर में रख दी जाती है।

सवाल : आपकी आने वाली फ़ैंटेसी नॉवेल ‘जैक – द क्लॉक राइडर’ हिन्दी रीडर्स के दरमियान काफ़ी चर्चा में है। लोग फ़ेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप में इसके टाइटल और कवर की बेहद तारीफ़ कर रहे हैं। आप रीडर्स को कुछ इसके बारे में बताना चाहेंगी?

जवाब : जी, इस कहानी में पाठक जैक के साथ एक नई और रहस्यमयी दुनिया की गुत्थी सुलझाने के साथ एक रोमांचक सफ़र तय कर एक 14 साल पुराना राज़ खोलेंगे। अगर इसके टाइटल की बात करें तो बहुत सोचने के बाद इस कहानी को मैं ने ‘जैक – द क्लॉक राइडर’ नाम दिया। यह नाम अपने आप में ही एक रहस्य रखता है। साथ ही आर्टिस्ट ने बहुत ही उम्दा कवर बना कर किताब में मानो जान डाल दी है। सच कहूं तो कवर और टाइटल के ज़बरदस्त जोड़ से पाठक इस किताब की तरफ़ आकर्षित हो रहे हैं।

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सवाल : आपके पसन्दीदा ऑथर कौन से हैं और आप किस जेनर की किताबें पढ़ना ज़्यादा पसन्द करती हैं?

जवाब : मुझे मुंशी प्रेमचंद की कहानियां बहुत पसन्द हैं। उनकी भाषा शैली से पढ़ने वालो की नज़रों के सामने एक तस्वीर सी चलने लगती है। जहां तक पसन्दीदा जेनर की बात है, मुझे ड्रामा, फ़िक्शन, हॉरर और फ़ैंटेसी पढ़ना ज़्यादा पसन्द है।

सवाल : लिखने के लिए आप पेपर और पेन का इस्तेमाल करती हैं या फिर लैपटॉप/कम्प्यूटर?

जवाब : डिजिटल इंडिया में रहते हुए मैं भी मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करती हूं।
सवाल : हिन्दी के अलावा आप किसी दूसरी ज़बान जैसे उर्दू या अंग्रेज़ी में भी लिखना पसन्द करती हैं?

जवाब : जी बिल्कुल, हमारे मुल्क में जो भाषा बोली जाती है उसमें हिन्दी, उर्दू और अंग्रेज़ी का मिला जुला संगम होता है जो अपने आप में ही कुछ ख़ास है। मैं भी अपनी कहानियों में आम बोलचाल की तरह इन तीनों ज़बान को मिला कर लिखना पसन्द करती हूं।

सवाल : राइटिंग के अलावा और आपकी दूसरी क्या हॉबीज़ हैं?

जवाब : राइटिंग के अलावा मुझे नई नई चीज़े सीखना, पढ़ना और कुकिंग करना पसंद है। कभी कभी दिल करे तो चित्रकारी भी कर लेती हूं।

सवाल : और आख़िर में आप रीडर्स को कोई ख़ास पैग़ाम या मैसेज देना चाहती हैं?

जवाब : मैं रीडर्स से यही कहना चाहूंगी कि आप लोगों का प्यार और साथ मेरे साथ ऐसे ही बनाए रखिए क्योंकि पाठक की वजह से ही एक लेखक का अस्तित्व होता है। जल्द ही मेरी किताब आप लोगों के हाथ में होगी। जैक – द क्लॉक राइडर ज़रूर पढ़िए और आप सभी को कैसी लगी ये भी ज़रूर बताइएगा। थैंक यू!

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