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Thursday, January 25, 2018

लोगों को किताबों के क़रीब लाने के मक़सद से 2 दोस्तों ने बनाया ऑनलाइन बुक स्टोर

किताबों को इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। किताबें सिर्फ मनोरंजन का साधन ही नहीं है बल्कि उससे व्यक्ति के ज्ञान में बढ़ोतरी होती है, मानसिक विकास के साथ सोच का दायरा भी बढ़ता है।  

टेक्नोलॉजी के बढ़ते दौर में मनोरंजन के अन्य साधनो और सोशल मीडिया के बढ़ते  इस्तेमाल से नई जनरेशन की रूचि किताबों में पहले की तुलना में कम हुई है।  बढ़ती महंगाई के कारण किताबों की कीमतों में वृद्धि हुई है जिसके कारण भी कई लोगों के लिए महँगी किताबें खरीद पाना उनके बजट से बाहर है।  पुणे के 2 दोस्त अज़ीम ख़ान और रजत गजभिए ने इस  समस्या की गम्भीरता को समझा और समाधान के रूप में ''जस्ट किताब डॉट इन'' www.justkitaab.in नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया।  ''जस्ट किताब डॉट इन'' ऑनलाइन बुक स्टोर है।  अज़ीम ख़ान और रजत गजभिए इस बुक स्टोर के माध्यम से साहित्य, कविता, धर्म, सस्पेंस, थ्रिलर, जासूसी, प्रेम,  हॉरर, हास्य, फैंटसी, नावेल, कॉमिक्स, ग्राफ़िक नावेल, कहानी संग्रह, धार्मिक किताबें , बाल साहित्य,  विज्ञान, इतिहास, पर्यावरण, आत्मकथा, लोक साहित्य आदि  सभी प्रकार की किताबों को वाजिब क़ीमत में होम डिलीवरी की सुविधा के साथ उपलब्ध कराते हैं।  साथ ही पुरानी किताबों को नाममात्र क़ीमत में उपलब्ध कराते  हैं।




अज़ीम ख़ान और रजत गजभिए के अनुसार उनके बुक स्टोर का मक़सद लोगों को फिर से किताबों से जोड़ना और अच्छी से अच्छी किताबें कम से कम क़ीमत में उपलब्ध करवाना है।  लोगों को फिर से किताबों से जोड़ने की ये कोशिश क़ाबिले तारीफ़ है, उम्मीद है अज़ीम ख़ान और रजत गजभिए की ये कोशिश लोगों को किताबों से जुड़ने में मदद करेगी।  

 Nazariya Now

3 comments:

  1. Good work and really books are good friends for human being.keep on and on and on...

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