HIGHLIGHTS

Wednesday, January 31, 2018

भारत में सुपरहीरो आधारित फिल्म और टीवी/वेब सीरीज - Superhero Based Movie/Serial in India

विदेशों में सुपरहीरो पर आधारित फ़िल्में और टीवी सीरीज बहुत समय से बन रही हैं और ये काफी सफल भी रही हैं।  भारत में अभी तक सुपरहीरो पर फिल्म और टीवी सीरीज बहुत ज़्यादा नहीं बनी हैं।  अब राज कॉमिक्स के मशहूर कॉमिक्स सुपरहीरो ''डोगा'' पर वेब सीरीज बनकर तैयार है जिसके जल्दी ही  रिलीज़ होने की उम्मीद है।  इससे पहले निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप ने डोगा पर फिल्म बनाने की बात कही थी लेकिन बाद में किन्ही कारणों से वो प्रोजेक्ट कैंसिल कर दिया गया था। डोगा की फिल्म का कॉमिक्स फैंस को बहुत लम्बे समय से इंतज़ार था, निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप का प्रोजेक्ट कैंसिल होने के कारण कॉमिक्स फैंस को काफी निराशा हुई थी लेकिन अब फिर से डोगा की टीवी/वेब सीरीज की घोषणा के बाद कॉमिक्स फैंस बहुत उत्साहित हैं। 



भारत में सुपरहीरो पर आधारित फिल्मों की बात करें तो इसकी शुरआत वर्ष 1960 में निर्देशक मनमोहन साबिर ने की थी।  फिल्म का नाम था ''रिटर्न ऑफ़ मिस्टर सुपरमैन''  इस फिल्म में अभिनेता पैदी जयराज  ने सुपरमैन का किरदार निभाया था।  यह फिल्म ब्लैक एंड वाइट थी।  वर्ष 1987 सुपरमैन फिल्म फिर से बनी इस बार इस फिल्म में धर्मेंद्र की मुख्य भूमिका थी।  वर्ष 1987 में अनिल कपूर की ''मिस्टर इंडिया'' फिल्म रिलीज़ हुई।  यह फिल्म काफी सफल रही।  आम बॉलीवुड फिल्मों की तुलना में इस फिल्म का विषय बिलकुल नया था, लोगों ने इस फिल्म में अनिल कपूर के निभाए किरदार ''मिस्टर इंडिया'' को काफी पसंद किया। इस फिल्म का नायक एक गरीब आम आदमी था जो एक गैजेट की मदद अदृश्य होकर लोगों की मदद करता है और अपराधियों से लड़ता है।  मिस्टर इंडिया में अनिल कपूर का किरदार को हम एक सुपरहीरो मान सकते हैं।    वर्ष 1989 में अमिताभ बच्चन की ''तूफ़ान'' फिल्म आई इसमें अमिताभ बच्चन ने तूफ़ान नाम का किरदार निभाया जो सुपरहीरो की तरह ही था।  वर्ष 1991 में अमिताभ बच्चन की ही एक और फिल्म ''अजूबा'' रिलीज़ हुई। हालाँकि अजूबा के पास किसी तरह की  नहीं थी लेकिन उसका किरदार सुपरहीरो की तरह था।

वर्ष 2006 निर्माता निर्देशक राकेश रोशन अपने बेटे  ऋतिक रोशन को लेकर  ''कृष'' फिल्म बनाई।  यह फिल्म राकेश रोशन की पहले रिलीज़ हुई फिल्म ''कोई मिल गया '' का सीक्वल था।  इसमें एक एलियन ऋतिक रोशन को अपनी शक्ति दे देता है और उसमे सुपरहीरो के जैसी शक्ति आ जाती है।  ये फिल्म काफी सफल रही। इस फिल्म से भारतीय फिल्मों को पहला भारतीय सुपरहीरो ''कृष'' मिला।  वर्ष 2013 में इस फिल्म का सीक्वल ''कृष 3 '' भी रिलीज़ हुई।  वर्ष 2008 में अभिनेता अभिषेक बच्चन की ''द्रोण'' फिल्म आई।  फिल्म की कहानी ''द्रोण'' नाम के सुपरहीरो पर आधारित थी, लेकिन ये फिल्म कुछ खास सफल नहीं रही।  2011 में शाहरुख़ खान की फिल्म रॉ-वन'' आई।  इस फिल्म में शाहरुख़ खान ने रॉ-वन'' नाम के सुपरहीरो का किरदार निभाया था।  ये फिल्म भी कुछ  खास सफल नहीं रही।  2016 में  सुपरहीरो आधारित फिल्म ''ए फ्लाइंग जट'' रिलीज़ हुई।

भारत में सुपरहीरो पर आधारित सीरियल की शुरआत 1997 में दुरदर्शन नेशनल चैनल पर ''बेताल पच्चीसी'' से हुई।  इसमें अभिनेता शाहबाज़ खान ने बेताल का किरदार निभाया।  यह किरदार मशहूर करैक्टर ''फैंटम'' पर आधारित था, हालाँकि इसकी कहानी अलग थी।  वर्ष 1997 में मुकेश खन्ना ने ''शक्तिमान'' सीरियल बनाया।  इस सीरियल का प्रसारण दुरदर्शन पर होता था।  शक्तिमान को भारत का पहला सुपरहीरो माना जाता हैं।  यह सीरियल काफी सफल रहा, छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुज़ुर्गों तक सबने शक्तिमान को पसंद किया।   शक्तिमान के लगभग 520 एपिसोड आये।  यह अपने समय का सबसे लोकप्रिय सीरियल रहा।  वर्ष 1998 में दूरदर्शन पर एक और सुपरहीरो आधारित सीरियल ''कैप्टेन व्योम'' की शुरुआत हुई।  इसमें अभिनेता मिलिंद सुमन ने कैप्टेन व्योम का किरदार निभाया।  यह सीरियल भी काफी पसंद किया गया।  2004 में बालाजी फिल्म्स ने 'कर्मा'' सीरियल बनाया।  इस  सीरियल की कहानी करण  नाम के साधारण लड़के पर आधारित थी जो आकाश के सात तारों (सप्तऋषि) से शक्ति हासिल करके सुपरहीरो ''कर्मा'' बन जाता है।  अभिनेता व  निर्माता मुकेश खन्ना ने शक्तिमान की तरह ही वर्ष 2002 में ''आर्यमान - ब्रह्माण्ड का योद्धा'' नाम से एक और सुपरहीरो आधारित सीरियल  बनाया लेकिन इस सीरियल को शक्तिमान जैसी सफलता नहीं मिल पाई।  राज कॉमिक्स के मशहूर कॉमिक्स करैक्टर ''नागराज'' पर भी 'रक्षक नागरज'' नाम से टीवी सीरियल बनाया गया लेकिन ये कुछ खास सफल नहीं रहा। भारत में कुछ और भी सुपरहीरो धारित सीरियल भी बने जैसे जूनियर-जी (2000), हीरो (2005), जोक्कोमेन (2011) महारक्षक आर्यन  (2014 ) आदि लेकिन किसी को भी शक्तिमान जैसी सफलता नहीं मिल पाई।

भारत में सुपरहीरो आधारित फिल्मे और टीवी सीरीज कम बनने के कई कारण हैं।  सबसे पहला कारण लोगों की मानसिकता है, बहुत से लोग अभी भी कॉमिक्स, सुपरहीरो आदि को बच्चों  चीज़ मानते हैं, और अक्सर सुपरहीरो आधारति फिल्म/टीवी सीरीज को प्रचारित भी  बच्चों की फिल्म की तरह किया जाता रहा है, जबकि विदेशों में ऐसा नहीं हैं। विदेशों में सुपरहीरो पर आधारित फिल्मों को रिकॉर्ड को सफलता मिलती है, मार्वल और डी.सी. की फिल्मों को पूरी दुनिया में पसंद किया गया है।   भारत में सुपरहीरो बेस्ड फिल्मों में वी.एफ.एक्स और विज़ुअल इफै़क्ट का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाता है कारण है फिल्म का बजट कम होना।  फिल्म की स्टोरी और स्क्रिप्ट भी ठीक  न होना भी फिल्म के सफल न होने का एक कारण है, दर्शकों को फिल्म ठीक से समझ में ही नहीं आती है द्रोण और रॉ-वन जैसी फ्लॉप फिल्मे इसका उदाहरण हैं।  भारत में भी सुपरहीरो आधारित फिल्म / टीवी सीरीज भी विदेशी फिल्मों की तरह सफलता के रिकॉर्ड क़ायम कर सकती हैं बस  ज़रूरत है अच्छी स्टोरी, कांसेप्ट, बेहतरीन वी.एफ.एक्स और विज़ुअल इफै़क्ट के साथ फिल्म बनाने की।  फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बनाने के लिए फिल्म का बजट भी बड़ा रखने की ज़रूरत होगी। पिछले साल  रिलीज़ हुई  निर्देशक एस. एस. राजामौली की फिल्म ‘‘बाहुबली द कन्क्लूज़न’’ में बेहतरीन वी.एफ.एक्स और विज़ुअल इफै़क्ट का इस्तेमाल किया गया इस फिल्म के पहले पार्ट ‘‘बाहुबली द बिग्निंग’’ में भी वी.एफ.एक्स और विज़ुअल इफै़क्ट का बहुत अच्छा इस्तेमाल हुआ नतीजा सामने हैं दोनों ही फिल्मों ने सफलता के नए रिकॉर्ड क़ायम किये हैं।


भारत में भी सुपरहीरो आधारित फिल्म / टीवी सीरीज  का इतिहास बहुत अच्छा नहीं रहा है लेकिन अब डोगा पर बन रही वेब सीरीज से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। फेनिल कॉमिक्स द्वारा भी ''वेताल'' और ''जासूस बलराम'' वेब सीरीज़ का निर्माण भव्य स्तर पर किया जा रहा है,  इन वेब सीरीज़ में बेहतरीन वी.एफ.एक्स और विज़ुअल इफै़क्ट के प्रयोग के कारण ये सीरीज अंतराष्ट्रीय वेब सीरीज के स्तर की होंगी।  उम्मीद हैं ये वेब सीरीज दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा उतरेगी और इसकी सफलता भारत में  सुपरहीरो आधारित टीवी/वेब सीरीज के लिए मील का पत्थर साबित होगी और भविष्य में भारत में भी सुपरहीरो पर आधारित  अंतर्राष्ट्रीय स्तर की टीवी/वेब सीरीज/ फिल्में देखने को मिलेंगी।
- शहाब खान

©Nazariya Now






No comments:

Post a Comment