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Saturday, February 17, 2018

इंटरव्यू : एक खास मुलाक़ात लेखक मिथिलेश गुप्ता जी के साथ - An Exclusive Interview with Author Mithilesh Gupta

कॉमिक्स/ किताब,  कलाकारों / लेखकों / प्रकाशकों के इंटरव्यू की विशेष श्रंखला में आज एक खास इंटरव्यू में हम आपको रूबरू करवा रहे हैं साहित्य जगत के उभरते लेखक मिथिलेश गुप्ता जी से।  मिथिलेश गुप्ता जी ने अपने लेखन से कम वक़्त में साहित्य जगत में अपनी एक खास पहचान बनाई।  अपने बेहतरीन लेखन के कारण पाठकों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब हुए है।  मिथिलेश गुप्ता जी की पहली नॉवेल ''एक भयानक रात'' को पाठकों ने काफी पसंद किया।  उनकी रोमांटिक नॉवेल ''Just Like That'' बेस्ट सेलर लिस्ट में शामिल है।   जल्दी ही उनकी नई नॉवेल ''तेरी इश्क़ वाली खुशबु'' भी रिलीज़ होने वाली है।  आइये  मिथिलेश गुप्ता जी से उनके एक पाठक से  सफल लेखक बनने के सफ़र के बारे में जानते हैं।


मिथिलेश जी इस विशेष इंटरव्यू में आपका स्वागत है। 

सवाल 1 : अपने जीवन के अब तक के सफर के बारे में बताएं ।
जवाब :
सबसे पहले इस इंटरव्यू के लिए आपका धन्यवाद । वैसे मैं एक मिडिल क्लास फॅमिली में पला बढ़ा हूँ। बचपन से ही कॉमिक्स और बाल पत्रिकाओं में खासी रूचि रही है और इन्ही के साथ ही अब तक जीवन काफी अच्छा गुजरता आया है। क्योंकि पहली बार जब सब्जेक्ट कि किताबों के अलावा कोई और किताब हाथ लगी तो वो एक कॉमिक्स थी, और फिर हर इंडियन कॉमिक्स फंस कि तरह ज़िन्दगी आगे बढ़ते गयी।  सो बचपन से ही ‘सुपर कमांडो ध्रुव’ और ‘बांकेलाल’ का जबरदस्त फेन रहा हूँ, जिनकी न्यू कॉमिक्स आज भी खरीद कर पढता हूँ। इसी के साथ चम्पक, नन्हे सम्राट, बाल भास्कर भी खूब पढ़ा है।


सवाल 2 :  आपको लेखन की प्रेरणा कब और कहाँ से मिली ?
जवाब :
जैसा कि मैंने बताया कॉमिक्स और बाल पत्रिकाएं पढता आया हूँ। स्कूल के दौरान शायद सन 2000 से मैंने खुद से कहानिया लिखना शुरू कर दिया था और मेरा सपना होता था कि इन्हें चम्पक और बाल हंस जैसी पत्रिकाओं में भेजूंगा जिसके लिए मैंने दसवी क्लास में आने तक कुछ कोशिशें भी की थी पर वो असफल हुयी। अब तक मै 300 ज्यादा बाल कहानियां लिख चूका था और 10 बाल उपन्यास और खुद कि ४ कॉमिक्स लिख चूका था जो आज भी मेरे पास सुरक्षित है। सो शुरू से ही कहानी लिखने कि प्रेरणा ये कॉमिक्स और बाल पत्रिकाएं ही रही हैं।

सवाल 3: लेखन के अलावा आपके शौक और क्या-क्या हैं ?
जवाब :
स्कूल टाइम से लेकर अब तक डांसिंग, मिमिक्री, एक्टिंग और सिंगिंग करना मुझे बहुत पसंद है जो मैं आज भी चाव से करना पसंद करता हूँ, जिसका उदाहरण आप मेरे YOUTUBE चैनल पर देख सकते हैं जो पिछले आठ सालो से एक्टिव है।

सवाल 4 : आपको कैसा साहित्य पढ़ने का शौक है? कौन से लेखक और किताबें आपको विशेष पसंद हैं?
जवाब :
बाल साहित्य और फंतासी किताबें मुझे सबसे ज्यादा पसंद है, इंग्लिश और हिंदी में मेरे पास अब तक 200 से उपर किताबे हो चुकी हैं, जिसमे हैरी पॉटर, नार्निया, The Secret of Droon सीरीज सबसे ज्यादा पसंद हैं। लेखकों में तरुण कुमार वाही, जुल्स वर्न, सी.एस. लेविस, ज्यादा पसंद हैं!
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सवाल 5 : आपकी पहली रचना क्या थी? वह कब लिखी गई ?
जवाब :
कौन सी रचना मैंने पहली लिखी ये तो अब याद नहीं, पर जब मैं 200 से ज्यादा बाल कहानिया लिख चूका था उसी दौरान मैंने शायद 2001 में ‘चमत्कारी पत्थर और दुसरे गृह के निवासी’ और ‘द अमेजिंग टाइम मशीन’ नामक दो बाल उपन्यास लिखा था जिसे मैंने एक किताब कि शक्ल दी थी यानी चित्र कवर सब मैंने ही बनाया था, जो आज भी मेरे पास हैं।

सवाल 6  : आपके परिवार और दोस्तों की आपके काम पर क्या राय रहती है और उनसे कितना सहयोग मिलता है ?
जवाब :
बचपन में तो घर पर कॉमिक्स और कहानियों की किताबें पढने पर डांट ही पड़ी है और दोस्त भी कोई ऐसे नहीं थे जो इस तरह कि किताबें पढ़ते थे. सों ज्यादतर वक़्त मैंने खुद को ही घर में दिया और खूब पढ़ा और खूब लिखता गया। चूँकि अब लेखक बन गया हूँ तो अब घरवाले और दोस्त मेरी छपी हुयी किताब को देखकर खुश होते हैं और सपोर्ट भी बहुत करते हैं और अब तो सबका साथ मिलता ही है। एक स्पेशल ट्रीटमेंट जैसा। हा हा हा...

सवाल 7 : आप अपने जीवन में सबसे ज़्यादा किससे प्रभावित है और किसे अपना रोल मॉडल मानते हैं ?
जवाब :
‘गोविंदा’ से मैं शुरू से ही बहुत प्रभावित हूँ!!! जबसे होश संभाला, मैं उनका फेन हूँ, बचपन से ही घर-मोहल्ले में आज भी मुझे सब जानते हैं कि गोविंदा और मेरा क्या सीन होता आया है, जब मैं रोया करता था मुझे गोविंदा कि फिल्मे दिखाने पर चुप हो जाता था आज भी सब बताते हैं। ही ही ही । शायद यही वज़ह रही कि मैं बचपन से गोविंदा कि तरह एक्टिंग और मिमिक्री किया करता था और गोविंदा के गानों पर खूब डांस ! मुझे लगता है गोविंदा के multitalent स्किल्स का ही असर कुछ-कुछ मुझ पर भी है, ऐसा मैं मानता हूँ। रोल मॉडल भी वहीँ है और मरने से पहले गोविंदा से मिलना सबसे बड़ा ड्रीम भी है जो अब तक तो नहीं हो पाया है।

सवाल 8 : आपका पसंदीदा स्पोर्ट, फिल्म, बॉलीवुड / हॉलीवुड कलाकार कौन है ?
जवाब :
स्पोर्ट्स में ज्यादा रूचि कभी नहीं लिया। बॉलीवुड में गोविंदा के अलावा शाहिद और ह्रितिक रोशन सही लगते हैं। हॉलीवुड में मैं विल स्मिथ और स्टीवन स्पीलबर्ग का बड़ा फेन हूँ।

सवाल 9 : आपकी रचनाओं के किरदार आप कहाँ से चुनते हैं ?
जवाब :
चुनता नहीं हूँ बस आस पास भागते लोग खुद ही टकरा जाते हैं, कहानियां तो अब तक फिक्शन लिखी है जिसमे 80 फिक्शन नहीं होती। लगता है कहानियाँ अब मुझसे टकराने लगी है, ताकि और मैं लिख पाऊं बस आस पास से टकराते लोग ही मेरी कहानियों के मुख्य पात्र होते हैं, जिनका यूज़ मैंने अब तक अपनी तीनो किताबों में किया है।
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सवाल 10 : किस रचना ने लेखन के दौरान मन को सबसे ज्‍यादा प्रभावित किया?
जवाब :
2016 में आई मेरी रोमांस फिक्शन नावेल ‘जस्ट लाइक दैट’ में लिखे गये    चरित्र ‘अविनाश-मोहिनी’! लिखने के दौरान से ही मुझे बहुत इंस्पायर्ड कर रहे थे   और  किताब के रिलीज़ के बाद मुझे सबसे ज्यादा पॉजिटिव रिस्पांस इन्हीं दोनो के    लिए ही  आयें है, जिन्हें इस किताब कि दूसरी प्रेम कहानी ‘कॉलेज वाला लव’ में    खासा पसंद  किया गया है, यही वज़ह रही कि अविनाश-मोहिनी’ को फिर अपनी  नई   किताब में इस  बार जगह दी है। 

सवाल 11 : आपकी नई किताब ''तेरी इश्क़ वाली खुशबू'' के  बारे में कुछ बताइये ?
जवाब :
“ये 'इश्क वाली बात' है!' जितनी आसानी से लोग एक दूसरे को भूल जाने की बात कर जाते हैं, उस 'इश्क' को भूलना उतना भी आसान नहीं होता! ये उन इश्क वाली यादों की खुशबूं हैं, जिन्हें हम भूलकर भी भूल नहीं पातें, और युहीं 'इश्क' वाले कितने किस्से कहीं गुम हो जाते हैं ! इसलिए...अक्सर इश्क वाली बातें बस ये सोचकर लिख लेता हूँ, कि कहीं वो बाते यूँ हीं गुम न हो जाए।“
Mithilish Gupta New Book ''Teri Ishq Wali Khushbu''

जस्ट लाइक दैट कि तरह ये भी “love anthology” है, जिसमे पांच अलग-अलग प्रेम कहानियां हैं ! जो उन यादों का सफ़र है जिसमे डूबने के बाद इश्क प्रेमी निकल नही पाते। 

सवाल 12 : आपकी एक कहानी पर बन रही है फिल्म  ''The Amazing Time Machine'' के बारे में कुछ बतायें ? 
Upcoming Movie ''The Amazing Time Machine''

जवाब :
''The Amazing Time Machine'' जैसे कि मैंने पहले बताया बचपन में लिखा था और अब ये उसी लिखे बाल उपन्यास का नया रूप है जिसे मैंने पिछले साल फिर से नये रूप में लिखना शुरू किया है जो इस साल के अंत तक आएगी! २०१६ में मेरे भाई को “जस्ट लाइक दैट’ पर फिल्म बनाने के लिए फिल्म कि प्रोडक्शन टीम से ‘ब्रिजेश अतुलकर’ ने संपर्क किया था ! और जब मुझसे संपर्क हुआ तो मैं फिल्म कि टीम से जून २०१७ में मिलने भोपाल गया! पर 2 महीने बाद सब फाइनल होने के बाद पता लगा ‘जस्ट लाइक दैट’ का प्रोजेक्ट प्री-प्रोडक्शन के पहले ही रुका हुआ था ! बाद में नवम्बर 2017 में ‘ब्रिजेश’ ने बताया कि वो पहले कुछ साइंस फिक्शन प्रोजेक्ट बनाना चाहते हैं और जब मैंने टाइम मशीन के बारे में बताया तो उन्हें इतना पसंद आया कि उनकी टीम ने अगले २० दिन में ही काम शुरू कर दिया और एक महीने के अन्दर भोपाल में फिल्म का फर्स्ट लुक का ट्रेलर तैयार हो गया जिसका लांच अभी 28 जनवरी को दिल्ली में किया गया (जो अब Youtube पर भी उपलब्ध है) और जिसका रिस्पांस भी काफी बढ़िया मिला ! फिल्म के डायरेक्टर दीपक पैगवार और ब्रिजेश अतुलकर ने बताया की फिल्म कि बाकी की शूटिंग मार्च के बाद से शुरू होगी और जिसके २०१९ तक आने कि सम्भावना है, चूँकि फिल्म मध्य प्रदेश में रिलीज़ के लिए बन रही है उम्मीद अब ऐसी है कि कुछ बड़ा ही बन पायेगा ! जिसके लिए मैं काफी उत्साहित हूँ कि किताब रिलीज़ के पहले ही फिल्म कि टीम ने मुझ पर भरोसा किया!

सवाल 13  : आप लेखन के साथ अभिनय भी करते हैं, अपने मशहूर कॉमिक्स करैक्टर ''बांकेलाल-विक्रमसिंह '' और ''क्रुकबांड'' पर एक शार्ट फिल्म का निर्माण किया था उसके बारे में कुछ बतायें ?
जवाब :
''बांकेलाल और ''क्रुकबांड'' शोर्ट फिल्म, सच कहूँ तो मेरी लाइफ का सबसे बढ़िया प्रोजेक्ट रहा! मुझे याद है, हैदराबाद में जब फिल्म मेकिंग का भूत  चढ़ा था, तब मैंने 2 शोर्ट फिल्म के बाद सोचा क्यों न कॉमिक्स किरदारों पर भी कुछ बनाऊं ! खैर, इन चारों किरदारों के कपडे cosplay के लिए ‘प्रद्युमन देव जोधा’ भाई के घर पर देखा हुआ था जिनसे मेरी मुलाक़ात कॉमिक कोन हैदराबाद में 2014 में हुयी थी! और बस मैंने अपने दोनो पसंदीद किरदार उठाये और हैदराबाद में रहने वाले कॉमिक्स फंस प्रद्युम्न भाई (विक्रम सिंह) मोहन मौर्य (क्रूक्बोड) सिद्धार्थ गुप्ता (मोटू) और मैं (बांकेलाल) को ध्यान में रखकर कहानी रचा सबको सुनाया और बस लाइट कैमरा एक्शन हम चारो ने मिलकर ही संभाल लिया. टेक्निकल नोलेज न होने के बाद भी मैंने फिल्म को पूरा कर रिलीज़ किया जिसे कॉमिक्स फैन्स  ने भरपूर पसंद किया! उम्मीद है आगे अब और कुछ बनाऊंगा अच्छी टेक्निकल टीम के साथ!

सवाल 14  : कहानियों के अलावा साहित्य की और किस विधा में आपकी कलम यात्रा करती है?
जवाब :
अभी तो तीन किताबों में हॉरर, रोमांस लिखा है, अगली किताब अब साइंस फिक्शन है ही ! उसके बाद अपने पसंदीदा जेनर फंतासी और बाल साहित्य पर कुछ लिखूंगा !

सवाल 15 : किताबों / लेखन से जुडी आपके जीवन की कोई मज़ेदार घटना जिसे सोचकर आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाती हो ?
जवाब :
दो बातें सबसे बड़ी हुयी मेरे लिए- पहली 2013  में फेसबुक में अपने ओल्ड वर्क्स पोस्ट करने के दौरान मुझे सूरज पॉकेट बुक्स से खुद आगे बढ़कर लिखने के लिए ऑफर मिला और दो किताबें रिलीज़ होने के बाद किसी न्यूज़ पेपर में आये मेरी किताबों के ज़िक्र से फिल्म का ऑफर मिला! जो मैं अब भी सोचता हूँ तो विश्वास नहीं होता कि मेंहनत इस कदर रंग ला रही हो! जिसके लिए मैं अपने प्रकाशन और पाठकों का ही धन्यवाद करता हूँ !


सवाल 16 :  साहित्य के क्षेत्र में मीडिया और इंटरनेट की भूमिका आप कैसी मानते हैं ?
जवाब :
ये दोनों चीजें ही तो आज के समय में साहित्य से लोगों को जोड़ रही है मेरा मानना है कि इन दोनों का बहुत योगदान बना हुआ है ! आखिरकार मुझे भी तो ‘सूरज पॉकेट बुक्स’ के प्रकाशक ‘शुभानन्द सर’ ने 2013  में फेसबुक से ही ढूंढा था ! सोशल मीडिया और इन्टरनेट तो नई पीढ़ी का सहायक है !

सवाल 17 :  नई जनरेशन की रूचि किताबों में कम है ये चिंता का विषय है, उन्हें किताबों से जोड़ने के लिए क्या किया जाना चाहिए ?
जवाब :
अब तो लोग फिर से बढ़ रहे हैं जुड़ रहे हैं मैंने खुद ये देखा है कि लोग अब किताबों से जुड़ रहे हैं मैं खुद अब फिर से कई किताबें खरीद और पढ़ रहा हूँ जो ५ साल पहले कम कर चूका था! मेरे प्रकाशन’ सूरज पॉकेट बुक्स ने भी 2 साल में जिस सफलता को छुआ है ये सब बता रहे हैं कि अब चिंता का विषय जल्द ख़त्म हो जाएगा!
''Teri Ishq Wali Khushbu'' Cover Launch At Delhi Event


सवाल 18 : आपके आगामी प्रोजेक्ट्स के बारे में कुछ बताएं ?
जवाब :
फ़िलहाल तो कई हैं ! पर चूँकि “The Amazing Time Machine” फिल्म का ट्रेलर आ चूका है तो ये बताने में कोई झिझक नहीं कि अगला प्रोजेक्ट वही है साथ ही एक क्लासिक फंतांसी किताब का संपादन कर रहा हूँ !

सवाल 19 : नए लेखकों को मार्गदर्शन के लिए आप क्या सलाह देना चाहेंगे ?
जवाब :
मैं खुद नया हूँ और हर दिन अपने प्रकाशन में जुड़ रहे नए और मंझे हुए लेखकों से सिखने कि कोशिश में हूँ, नए लेखकों के लिए यही कहूँगा जो खुद को भी कहता आया हूँ कि ‘एक रात में’ सफलता नही मिलने वाली बस अपना काम ईमानदारी  से हम करते रहें !

सवाल 20 : अंत में पाठकों को क्या सन्देश देना चाहेंगे ?
जवाब :
मैं सिर्फ एक चीज़ कहूँगा ! नए लेखकों और कलाकारों को मौका देते रहना चाहिए उन्हें भी पढना जरुरी है वरना न तो उनका लिखना सफल होना और न हम ये जान पायेंगे कि आज कल क्या लिखा जा रहा है ! इसलिए मैं अपने जैसे समकालीन और नए लेखकों को भी पढता रहता हूँ!


मिथिलेश  जी अपने क़ीमती वक़्त से हमारे इंटरव्यू के लिए वक़्त देने के लिए आपका बहुत शुक्रिया।  इस इंटरव्यू के माध्यम से हमें आपको और आपके काम के बारे में जानने का मौक़ा मिला। हम उम्मीद करते हैं भविष्य में भी आप लगातार साहित्य जगत में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे और हम आपके बेहतरीन लेखन से रूबरू होते रहेंगे।  पाठकों के दिलों पर आपकी कलम का जादू ऐसे चलता रहे।  आपकी नई किताब ''तेरी इश्क़ वाली खुशबु'' और अपकमिंग फिल्म ''The Amazing Time Machine'' की सफलता के लिए हमारी हार्दिक शुभकामनायें। 



 शहाब ख़ान  
©Nazariya Now



1 comment:

  1. A super talented author; who writes straight from the heart.

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