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Sunday, February 4, 2018

इंटरव्यू : एक खास मुलाक़ात धीरज कुमार डी.के. बॉस जी के साथ - An Exclusive Interview with Dheeraj Kumar (dkboss)


कॉमिक्स कलाकारों / लेखकों / प्रकाशकों के इंटरव्यू की विशेष श्रंखला में आज एक खास इंटरव्यू में हम आपको रूबरू करवा रहे हैं धीरज कुमार डी.के. बॉस जी से।  धीरज जी ने अपने टैलेंट और मेहनत के ज़रिये कॉमिक्स इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बनाई है।  उन्होंने देश की कई बड़ी कॉमिक्स कंपनियों के लिए काम किया है साथ ही विदेशी कॉमिक्स कंपनियों के साथ भी काम कर रहे हैं आइये धीरज जी से उनसे कॉमिक्स फैन से प्रोफेशनल कॉमिक्स आर्टिस्ट बनने के सफर के बारे में जानते हैं।

धीरज जी इस विशेष इंटरव्यू में आपका स्वागत है।
''नमस्कार और धन्यवाद''

 
 

सवाल 1  : कॉमिक्स के प्रति अपने जूनून और अपने जीवन के अब तक के सफर के बारे में बताएं।
जवाब ड्राइंग में शुरु से ही मेरी रूचि थी. मेरी पहली कॉमिक्स Flash Gordan की थी, जो उस समय बड़े साइज़ में आती थी. जिसके ''स्पेस'' वाले चित्रों में मुझे बड़ी दिलचस्पी आई, क्योंकि उस उम्र में यह एक अनदेखी चीज़ थी. इसके बाद डायमंड और आर्चीस कॉमिक्स से मैं कॉमिक्स पसंद करने लगा. ख़ुशी की बात यह है की मेरे पिताजी ही मेरे लिए कॉमिक्स लाते थे इसलिए मेरे मन यह बात घर कर गई की कॉमिक्स एक अच्छी चीज़ है. पिताजी की और से मिली चीज़ कि मैं कद्र करने लगा, और आज भी मेरी सभी कॉमिक्स पूरे ध्यान से रखी हुई हैं.
मेरे जीवन का सफ़र नागराज के सफर की तरह कोई खास तो नहीं है, एक सामान्य लड़के की तरह ही पला-बड़ा, शिक्षा-दीक्षा हुई, intermediate के समय आर्ट फील्ड में कॅरियर का विचार आया तो Bachelor of Fine Art किया. दिलचस्पी एनीमेशन और गेमिंग में ज्यादा थी इसलिए MAAC Animation का कोर्स भी किया, Dehli-NCR में एनीमेशन फील्ड में ही कुछ जॉब्स के बाद लखनऊ आ गया और यहाँ से पूरी तरह Freelancing और कॉमिक्स में काम करने लगा .
अब तक 5 इंडियन इश्यु और 3 विदेशी इश्यु से कलारिस्ट के तौर पर मेरा नाम जुड़ चूका है, इसके साथ साथ कॉमिक्स से ही जुड़े कई काम ऑफिशियल और अनऑफिशियल रूप से किये हैं जो मुझे अब दिमाग पर जोर डालने पर भी याद नहीं आते हैं.  है ! है ! है ! 😆😆😆
हालाँकि मैं काफी पहले से कॉमिक्स फील्ड में सक्रिय हूँ, मगर फिर भी मेरा ज्यादा काम इसलिए नहीं दिखाई देता क्योंकि कॅरियर के तौर पर मेने एनीमेशन फील्ड को रखा और एनीमेशन फील्ड की जॉब में ही ज्यादा समय दिया, इसलिए कॉमिक्स में सिर्फ वही काम किया जो मुझे ऑफर हुआ.


सवाल 2 : ड्राइंग के अलावा आपके और क्या-क्या शौक हैं  ?
जवाब : म्यूजिक मेरी दूसरी अहम ज़रूरत है, फिल्में देखना बहुत पसंद है या यूं कहूं की नयी नयी कहानियों से परिचित होना काफी अच्छा लगता है. गेमिंग भी बहुत पसंद करता हूँ, जिसमे अपना काफी समय निकाल देता हूँ. इसके अलावा अलग अलग जगहों पर जाना, नए लोगों से मिलना पसंद करता हूँ.



सवाल 3 : आपके परिवार और दोस्तों की आपके काम पर क्या राय रहती है और उनसे कितना सहयोग मिलता है ?
जवाब : घर की तरफ से आर्ट के लिए कभी मनाही नहीं रही, आर्ट को कॅरियर बनाने के निश्चय पर भी घरवालों की सहमति मिली थी, क्योंकि आर्ट फिल्ड से हूँ तो ज़्यादातर दोस्त भी आर्ट फील्ड से हैं जिनसे हमेशा ही मदद और सराहना मिलती है.

सवाल 4  : वर्तमान में आप किन-किन कॉमिक्स कंपनियों के लिए काम कर रहे हैं ?
जवाब : फिलहाल में Crush Ego Studios, USA के लिए रेगुलर आर्टिस्ट के तौर पर कार्यरत हूँ जो कि Insane Comics USA  के लिए कॉमिक्स बनाते हैं. इसके साथ ही में Fire Girl Comics USA के साथ डिजिटल आर्टिस्ट के तौर पर जुड़ा  हुआ हूँ जो की स्पेशल कॉमिक्स है वहां के Fire-Fighters और Autism  से जूझ रहे बच्चों के लिए.


सवाल 5 : आपके पसंदीदा कॉमिक्स, लेखक, आर्टिस्ट  और कॉमिक करैक्टर  कौन हैं  ?
जवाब : प्रताप जी के समय के नागराज की सभी कॉमिक्स पसंदीदा हैं, एक चुनना मुश्किल है. लेखकों में मुझे नये लेखक ज्यादा प्रभावित करते हैं. आर्टिस्ट में मनु जी और चंदू जी हमेशा से मेरे पसंदीदा रहे हैं. कॉमिक्स करैक्टर में नागराज मेरे लिए सबसे ऊपर है.

सवाल 6 : आप अपने जीवन में सबसे ज़्यादा किससे प्रभावित है और किसे अपना रोल मॉडल मानते हैं ?
जवाब : पिताजी से, उनके जीवन के उतार-चढ़ावों का मुझ पर बहुत गहरा असर है. रोल मॉडल भी उन्हीं को कह सकता हूँ.

सवाल 7 : आपका पसंदीदा स्पोर्ट, फिल्म, बॉलीवुड / हॉलीवुड कलाकार कौन है ?
जवाब : क्रिकेट और फूटबाल मेरे पसंदीदा हैं, स्कूल टाइम में फूटबाल टीम में था और कॉलेज टाइम में क्रिकेट. पसंदीदा फिल्में कई हैं, एक बोल पाना मुश्किल होगा. एक्टर्स में अक्षय कुमार और टॉम क्रूज़ मेरे पसंदीदा हैं.


सवाल 8 : भारत में कॉमिक्स के भविष्य के बारे बारे में क्या सोचते हैं ?
जवाब : भविष्य अच्छा ही है, ज़ाहिर है अब वो सुनहरा समय तो नहीं आने वाला की गली-नुक्कड़ पर कॉमिक्स मिलें पर फिर भी कॉमिक्स हमेशा बनी रहेंगी. ऐसी उम्मीद है की नई सोंच और नई तकनीक से परिचित लोग आर्ट के इस फॉर्मेट में आगे ज़रूर बेहतर करेंगे और धीरे ही सही पर कॉमिक्स बिज़नेस मजबूती से आगे बढता रहेगा. 

सवाल 9 :  आपके हिसाब से एक अच्छी कॉमिक्स के क्या मापदण्ड हैं ?
जवाब : कहानी जो दिमाग़ न भुला पाए और आर्ट जो दिल में जगह बना ले. अच्छी कॉमिक्स के लिए इससे ज्यादा की ज़रूरत नहीं होती.

सवाल  10 : टेक्नोलॉजी के दौर में कॉमिक्स मेकिंग में बहुत बदलाव आये हैं, पहले जहाँ लगभग सभी काम हाथ से किये जाते था वहीँ अब कंप्यूटर / लैपटॉप / ग्राफ़िक्स टेबलेट का इस्तेमाल होता है, टेक्नोलॉजी के बढ़ते चलन से कॉमिक्स मेकिंग को कितना फायदा पहुंचा है ?
जवाब : फायदा तो हुआ है, टेक्नोलॉजी से पहुँच आसान हुई है. इन्टरनेट के माध्यम से पुराने कॉमिक्स प्रेमी अब वापिस कॉमिक्स से जुड़ पायें हैं. ऑनलाइन कॉमिक्स, मोशन कॉमिक्स, Visual  कॉमिक्स, डिजिटल कॉमिक्स, ई-कॉमिक्स etc. काफी अच्छे विकल्प के रूप में सामने आये हैं. जहाँ तक कॉमिक्स मेकिंग की बात है तो काम आज भी हाथ से ही हो रहा है बस उसको करने के औजार बदलकर डिजिटल हो गये हैं. अब के Visuals  पहले से बेहतर हैं. डिजिटल टेक्नोलॉजी से सबसे ज्यादा फायदा ''फिक्शन जेनर'' को हुआ है. रेस्टोरेशन एक बहुत बढ़िया विकल्प है जो पुरानी कॉमिक्स को फिर से जीवन दे सकता है. 

सवाल  11 : पायरेसी ने कॉमिक्स इंडस्ट्री को काफी नुक़सान पहुँचाया है आपके विचार में इसे रोकने के लिए किस तरह के क़दम उठाने चाहिए ?
जवाब : आधार लिंक करवा दो ! हा हा हा ! 😆😆😆
पायरेसी ऐसी दीमक है जो किसी भी बिज़नेस को 50% से भी ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. कायदे कानून, निगरानी के विकल्प के अलावा ध्यान देने की बात यह है कि पायरेसी कोई भी करे पर पायरेसी पूरी तभी होगी जब दूसरी तरफ से उसका स्वागत करने वाला भी मोजूद हो, और ये कॉमिक्स रीडर्स ही होते हैं.

हमने देखा की कैसे DC या Marvel के फैन्स एक बुरी या एवरेज फिल्म को पूरी दुनिया से डिफ़ेंड करने लग जाते हैं, ये उनका प्यार और जज्बा है, यही चीज़ हमारी कॉमिक्स में भी आ जाये और इंसान पायरेसी से 100 क़दम दूर हट जाये तो पायरेसी करने वाला आखिर किसके साथ पायरेसी करेगा ? इसलिए जो पायरेटेड माल पड़ते हैं पहले वो अपनी आदत सुधारें. अगर आप इस आर्टफॉर्म को पसंद करते हो, इसकी इज्ज़त करते हो और आगे भी इसी बिज़नेस को चलते हुए देखना चाहते हो तो खुद को बदलें ही और ऐसी किसी भी गतिविधि पर अंकुश लगाने की भी कोशिश करें. मेरे ख्याल से पायरेसी तभी है जब तक हम उसे होने दे रहे हैं.

सवाल 12 :  कॉमिक्स से जुड़ी आपके जीवन की कोई मज़ेदार घटना जिसे सोचकर आपके चेहरे पर मुस्कान जाती हो 
जवाब : बहुत सारी हैं. एक बार एक दोस्त के साथ मिलकर टेबल पर सारी कॉमिक्स लगाकर हम दोनों बैठ गए कि किराये पर सबको कॉमिक्स देंगे और कमाए पैसों से नई कॉमिक्स लायेंगे, पर जब हमारा पहला ग्राहक आया (जो की कॉलोनी की एक आंटी थीं) तो मेरा दोस्त तो वहां से झट से गायब हो गया और आंटी के सामने मेरे मुंह से एक शब्द भी नही निकल पाया. उसके बाद कभी ऐसे कॉमिक्स नहीं लगे. जो कॉमिक्स किराये पर गई वो कभी वापस नहीं आई. हा हा हा !  😆😆😆

सवाल 13 : भारतीय कॉमिक्स और विदेशी कॉमिक्स में तुलना करने पर आप क्या अन्तर पाते हैं ?
जवाब : ओवरऑल कहूँ तो विदेशी कॉमिक्स हमसे एक क़दम नहीं बल्कि एक दशक आगे हैं. मगर वर्तमान समय में भारतीय कॉमिक्स भी समान स्तर की कॉमिक्स बना रही है. एक छोटा अंतर काम करने के तरीक़े में ज़रूर है, मगर एक बड़ा अंतर Exposure का है, वहां कॉमिक्स एक रोज़मर्रा की वस्तु की तरह है, जो सभी इस्तेमाल करते हैं, इसकी असली वजह है वहां कॉमिक्स के अस्तित्व का बहुत पुराने समय से होना, इसलिए वहां कॉमिक्स को अच्छा Exposure भी मिलता है, पहुँच ज्यादा होती है. कॉमिक्स को एक Mainstream Carrier के रूप में लिया जाता है. कॉमिक्स को मूवीज़, टेलीविज़न etc जैसे एंटरटेनमेंट फील्ड के बराबर ही माना जाता है और इज़्ज़त दी जाती है और यह सब इसलिए मुमकिन हुआ क्योंकि शुरूआती  समय में DC, MARVEL, DISNEY etc. जैसे दिग्गजों ने कॉमिक्स कल्चर को बनाने में बहुत मेहनत की. 

सवाल 14 : अब तक का अपना सबसे चुनौतीपूर्ण और सर्वश्रेष्ठ काम (आर्ट) किसे मानते हैं और क्यों?
जवाब : समय के साथ साथ आप विकास करते हो. आज किया गया बेहतरीन काम कल को एवरेज सा लगता है, इसलिए अभी किसी काम को सर्वश्रेष्ट की श्रेणी में नहीं रख सकता हूँ. चुनौतीपूर्ण भी अभी तक ऐसा कुछ नहीं रहा, हाँ नए पब्लिशर के साथ पहला काम हमेशा ही थोड़ा कठिन पड़ता है क्योंकि उनकी पसंद को समझने में समय लगता है.

सवाल 15 :  विदेशी कॉमिक्स कंपनी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?
जवाब : काफी अच्छा, कई चीजों में आराम रहा, कुछ मुददों पर विदेशी काफी Strict होते हैं सो उन चीजों का भी ध्यान रखना पड़ता है.

सवाल 16 : आपके आगामी प्रोजेक्ट्स के बारे में कुछ बताएं ?
जवाब : Star’s End  (जो  Crushed Ego Studios की Insane Comics  के लिए एक सीरीज है) इसके 2nd इश्यू  पर काम चल रहा है. इस सीरीज का रेगुलर कलरिस्ट होने के चलते Star’s End की आगामी कॉमिक्सों में भी मेरा काम रहेगा. इश्यू 2nd के पूरे होते ही शायद मुझे Fire Girl के  4th  इशु पर लगना होगा. साथ साथ कॉमिक्स पर ही आधारित एक प्रोजेक्ट  iVigilante  से भी एक आर्टिस्ट के तौर पर जुड़ा हुआ हूँ. एक और प्रोजेक्ट Comics Theory: Indian Horror Anthology के साथ भी राइटर और आर्टिस्ट के तौर पर जुड़ा हुआ हूँ. फिलहाल यही कुछ प्रोजेक्ट्स हैं.

सवाल 17 : नए  आर्टिस्ट  जो कॉमिक्स इंडस्ट्री में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं उन्हें मार्गदर्शन के लिए आप क्या राय देना चाहेंगे ?
जवाब : हमारी कॉमिक्स काफी नाज़ुक दौर से गुज़र रही है. इस कठिन समय में सिर्फ Passionate और Creative लोग ही बेहतर स्थिति ला सकते हैं. आप इस फील्ड में तभी आयें जब आप सोते जागते कॉमिक्स ही सोंचते हों और आपको लगता हो की इंडियन कॉमिक्स के लिए आप कुछ बेहतर दे सकते हैं, और पैसा आपकी लिस्ट में सबसे नीचे हो.

अगर आप सिर्फ कॉमिक्स की दुनिया से  प्रभावित होकर या Drawing/Writing  स्किल्स बढ़िया है ये सोचकर आना चाह  रहे हैं तो फिर सोंच लें, क्योंकि इंडियन कॉमिक्स का Scene ऐसा नहीं की इसे जीवन-यापन का Carrier माना जा सके और न ही इंडस्ट्री अभी इतनी फैली है की नित-नये दिन कुछ नया सीखने  को मिले, एक समय पर आपको Frustration का शिकार बनना पड़ जायेगा.

अगर आप कॉमिक्स फील्ड में कुछ करना चाहते हैं तो शुरू से ही अपनी कॉमिक्स पर काम करें, या खुद के कुछ छोटे छोटे प्रोजेक्ट करें, जैसे अख़बार से कोई इंट्रेस्टिंग समाचार/स्टोरी ले लें और उसको आधार रखते हुए उस पर अपनी कला या लेखनी को आज़मायें , इससे आपकी कॉमिक्स सेंस बढ़ेगी और आपकी अपनी प्रेक्टिस तो होगी ही, साथ ही साथ आपका खुद का ''Comics Portfolio'' बनता रहेगा जिस पर भविष्य में आराम से दुबारा काम किया जा सकता है और किसी पब्लिशर को दिखाया भी जा सकता है.

Fanarts और Pinups से दूर रहें, कभी कभार कर लें पर हमेशा यही न बनाते रहें, क्योंकि यह कहीं भी नहीं गिने जाते (अब आप कहेंगे की खुद मैंने ही यह सब ज्यादा किया है तो मैं बता दूं इस काम को मैंने एक हॉबी और प्रेक्टिस के रूप में समय दिया है, जिसके साथ साथ दूसरी तरफ भी अपना Freelance काम चलने दिया)

लेखक भी कुछ अपना लिखें, दूसरों के कांसेप्ट या कैरेक्टर्स बेस्ड स्टोरी न करें. शायद आपको पता नही होगा मगर Marvel अपने Submissions  में Marvel से जुडी आर्ट या स्टोरी बिना ध्यान दिए एक तरफ़  कर देती है, और यही तरीक़ा कई बड़ी कम्पनीज़ का भी है. आप जितनी ओरिजिनालिटी रखेंगे आपकी वैल्यू उतनी ज्यादा आंकी जाएगी.



सवाल 18 : अंत में कॉमिक्स फैंस को क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब : एक चीज़ जो में विस्तृत तौर पर समझाना चाहूँगा, कई बार कॉमिक्स का नेगेटिव प्रमोशन खुद फैन्स के द्वारा ही हो जाता है, कैसे ? मैं बताता हूँ - मान लीजिये आपके सोशल सर्किल में 100 लोग आपसे जुड़े हैं, जिनमे से 10 कॉमिक्स फैन्स ही हैं और बाकी 90 वह लोग हैं जो कॉमिक्स नाम जानते तो हैं पर कोई दिलचस्पी नही रखते. जब भी आप कॉमिक्स से जुडी कोई पोस्ट करते हैं या कॉमिक्स ग्रुप में जाकर कोई एक्टिविटी करते हैं तो वह एक्टिविटी या पोस्ट आपके सर्किल के 100 लोगों को विज़िबल होती है, जिनमे से लगभग 45 लोगों की नज़र में वो एक्टिविटी ज़रूर पड़ती है, आपके नाम की वजह से वह लोग उस एक्टिविटी पर 3 से 5 सेकंड ज़रूर देते हैं या कभी कभी पूरा टाइम भी. अब अगर आप कोई नकारात्मक या मज़ाक वाली पोस्ट करते हैं तो उन 45 लोगों को वो दिखती है या किसी नेगेटिव पोस्ट पर एक्टिविटी बनाते हैं तो वो भी विज़िबल होती है.

ऐसे में होता यह की वह 45 या 90 लोग जो कॉमिक्स में दिलचस्पी नही रखते अगर आपकी पोस्ट या एक्टिविटी पर अपना 1 मिनिट भी देते हैं तो उन्हें सिर्फ निगेटिविटी या मज़ाक ही देखने को मिलता है. यानि की यहाँ अपने कॉमिक्स का निगेटिव प्रमोशन किया उन लोगों के सामने indirectly ही सही. अगर यही प्रमोशन पॉजिटिव होता तो शायद कॉमिक्स वर्ल्ड में एक फैन और जुड़ चुका होता, और इस समय एक एक फैन इंडियन कॉमिक्स के लिए ज़रूरी है.

इसलिए कॉमिक्स पड़ें, कॉमिक्स खरीदें, उससे ज्यादा कॉमिक्स को प्रमोट करें. बेवजह कॉमिक्स की आलोचना न करें, Negative Criticism से ज्यादा हमें आपके सपोर्ट की ज़रूरत है. आप चाहते हैं की J.L.  या Avengers जैसी मूवीज़ बॉलीवुड भी बनाये तो पहले आप कॉमिक्स को सपोर्ट करिए. यक़ीन मानिये बिज़नेस और अटेंशन उधर ही आते हैं जिधर जनता का रुझान ज़्यादा होता है. कॉमिक्स का अच्छा समय तभी आ पायेगा जब रीडर्स का साथ मिलेगा. 
 Dheeraj Kumar (dkboss)



धीरज जी अपने क़ीमती वक़्त से हमारे इंटरव्यू के लिए वक़्त देने के लिए आपका बहुत शुक्रिया।  इस इंटरव्यू के माध्यम से हमें आपको और आपके काम के बारे में जानने का मौक़ा मिला। आपके द्वारा दी गई कॉमिक्स से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां निश्चित ही कॉमिक्स आर्टिस्ट, और कॉमिक्स फैंस के लिए बहुत उपयोगी साबित होंगी. हम उम्मीद करते हैं भविष्य में भी आप लगातार कॉमिक्स इंडस्ट्री में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे और हमें आपके द्वारा निर्मित  बेहतरीन कॉमिक्स पड़ने को मिलेंगी।   भविष्य के लिए हमारी  हार्दिक  शुभकामनायें. 



 शहाब ख़ान  
©Nazariya Now


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