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Thursday, March 8, 2018

शिक्षा में ही छिपा है महिला सशक्तिकरण का रहस्य

‘‘यदि आपको विकास करना है तो महिलाओं का उत्थान करना होगा । महिलाओं का विकास होने पर समाज का विकास स्वतः ही हो जायेगा।’’  पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नैहरू जी के इन शब्दों को समझें तो हमें स्वयं ही समझ में आ जायेगा कि महिलओं की उन्नति में पर ही राष्ट्र की उन्न्ति निर्भर है । अंग्रेजी के महान कवि वर्डवर्थ की एक पंक्ति है ‘‘द हैंड टाक्स द कैडल, वीव्स द नेशन’’ इन शब्दों का शाब्दिक अनुवाद होगा ‘‘जो हाथ पालना झुलाते हैं, वही किसी राष्ट्र का ताना-बाना बुनते हैं।’’ स्त्री की संभावनाओं को इसे बेहतर शब्द दे पाना शायद नामुमकिन है। दरअसल स्त्री की समूची संभावनाओं का प्रतिफल ही तो सुष्टि है । भूमि में जो संभावित संभावनाएँ हैं - धैर्य, सहजता, उत्पादकता, मनुष्यता, सौंदर्य, क्षमता और सामर्थ वे सभी स्त्री में भी हैं ।


स्त्री शक्ति है अर्थात दुर्गा-काली है । बुद्धि है अर्थात सरस्वती भी है और करूणा, कोेमलता, वात्सल्य आदि के साथ-साथ ऐसा मातृत्व भी है जिसकी समानता  पुरूष से नहीं की जा सकती ।  दिल्ली में ‘‘दामिनी’’ के साथ जो हुआ, उसने पूरे राष्ट्र को उद्धेलित कर दिया था यह घटना समाज के भीतर मौजूद पशुता का तो एक उदाहरण है ही, पूरी नारी जाति के प्रति हमारी असंवेदनशीलता का भी परिचायक है  ।  

‘‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते’’ का जाप करने वाला हमारा समाज का एक वर्ग वस्तुतः नारी को एक भोग्या अथवा वस्तु के रूप में ही देखता है । आज जीवन में हर क्षेत्र में नारियां उपलब्धियों के शिखर को छू रही  हैं, लगातार स्वयं को प्रमाणित कर रही हैं, इसके बावजूद इस सच्चाई को स्वीकारना ही होगा कि हमारे जीवन में, सोच में नारी को वह स्थान नहीं दिया गया जिसकी वह अधिकारिणी है । 

महिला सशक्तिकरण की बात की जाती है, तब सिर्फ आर्थिक व राजनीतिक सशक्तिकरण  पर चर्चा होती है । मेरा मानना है कि शिक्षा में ही छिपा है महिला सशक्तिकरण का रहस्य । शिक्षा ही हमारे दिव्य ज्ञान को खोल सकेगी, तभी महिलाएँ अपने समस्त अधिकारों के मुद्दों को जाँच और परख सकेंगीं । आज महिलायें सामाजिक ,राजनीतिक, आर्थिक, कला, साहित्य और विज्ञान हर क्षेत्र में पुरूषों से आगे हैं । मैं आप सभी बहनों से कहना चाहूंगी कि हम महिलाएँ समाज को संदेश दें कि अभी शुरूआत है आगे बहुत कुछ कर दिखाना है । 

रचना सिंह 
अध्यक्ष 
के.एल.एस. सोसायटी फॉर वीमेन प्रोटेक्शन एंड वेलफेयर  

1 comment:

  1. अच्छा ब्लॉग लिखा है आपने, यह सच है कि शिक्षा मे ही छुपा है महिला सशक्तिकरण का रहस्य
    महिलाओं के खिलाफ अपराध या अत्याचार अभी भी बढ़ रहे हैं। इनसे निपटने के लिए समाज में पुरानी सोच वाले लोगों के मन को सामाजिक योजनाओं और संवेदीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से बदलना होगा। इसलिए डॉ. मनीषा बापना महिला सशक्तिकरण के जरिए महिलाओं का पुरुषों द्वारा किए गए शोषण और भेदभाव से मुक्ति दिलाने के लिए कार्य कर रही है |

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