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Wednesday, May 30, 2018

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई - World No Tobacco Day 31st May

31 मई का दिन पूरी दुनिया में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है।  तम्बाकू एक धीमा जहर है जो व्यक्ति को धीरे धीरे करके मौत के मुँह मे धकेलता रहता है। लोग जाने अनजाने मे या सिर्फ शौक में तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते रहते है, धीरे धीरे तम्बाकू का शौक लत मेँ बदल जाता है और फिर व्यक्ति के लिए इसे छोड़ पाना बहुत मुश्किल हो जाता  है 



स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक़ तम्बाकू का सेवन करने वालों को मुंह का कैंसर की होने की आशंका 50 गुना ज़्यादा होती है। तम्बाकू में 25 ऐसे तत्व होते हैं जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। तम्बाकू के एक कैन में 60 सिगरेट के बराबर निकोटिन होता है। एक अध्ययन के अनुसार 91 प्रतिशत मुंह के कैंसर तम्बाकू से ही होते हैं। तम्बाकू में मादकता या उत्तेजना देने वाला मुख्य घटक निकोटीन है, यही तत्व सबसे ज़्यादा घातक भी है । इसके अलावा तम्बाकू  से अन्य बहुत से कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व भी पाये जाते हैं।  तम्बाकू  से मुंह, गला, श्वासनली व फैफड़ों का कैंसर होता है । दिल बीमारियाँ (Heart Dieses),  धमनी, उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), पेट के छाले (Stomach Vicia), अम्लपित (Acidity),  अनिद्रा (Insomnia)आदि रोगों की सम्भावना तम्बाकू के सेवन से बड़ जाती है ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार हर साल तम्बाकू से संबंधित बीमारियों की वजह से  लगभग 5 मिलियन लोगों की मौत हो रही है। जिनमें लगभग 1.5 मिलियन महिलाएं शामिल हैं। दुनियाभर में तम्बाकू सेवन का बढ़ता चलन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुक़सानदेह साबित हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी इस पर चिंता ज़ाहिर की है। तम्बाकू से संबंधित बीमारियों की वजह से हर साल क़रीब 5 मिलियन लोगों की मौत हो रही है। जिनमें लगभग 1.5 मिलियन महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनियाभर में लगभग 80 प्रतिशत लोग तम्बाकू का सेवन करते हैं।  विश्व में धूम्रपान करने वालों की कुल संख्या का लगभग 10 प्रतिशत भारत में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में क़रीब 25 करोड़ लोग गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, हुक्का आदि के ज़रिये तम्बाकू का सेवन करते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ दुनिया के 125 देशों में तम्बाकू का उत्पादन होता है। दुनियाभर में हर साल 5.5 खरब सिगरेट का उत्पादन होता है और एक अरब से ज़्यादा लोग इसका सेवन करते हैं। भारत में 10 अरब सिगरेट का उत्पादन होता है। भारत में 72 करोड़ 50 लाख किलो तम्बाकू की पैदावार होती है। भारत तम्बाकू निर्यात के मामले में ब्राज़ील, चीन, अमरीका, मलावी और इटली के बाद छठे स्थान पर है। आंकड़ों के मुताबिक़ तम्बाकू से 2022 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की आय हुई थी। विकासशील देशों में हर साल 8 हज़ार बच्चों की मौत अभिभावकों द्वारा किए जाने वाले धूम्रपान के कारण होती है। दुनिया के किसी अन्य देश के मुक़ाबले में भारत में तम्बाकू से होने वाली बीमारियों से मरने वाले लोगों की संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। तम्बाकू पर आयोजित विश्व सम्मेलन और अन्य अनुमानों के मुताबिक़ भारत में तम्बाकू सेवन करने वालों की तादाद क़रीब साढ़े 29 करोड़ तक हो सकती है।

तम्बाकू छोड़ने के उपाय 
तम्बाकू  छोड़ने का मन से निश्चय करें ।  यदि एक बार में छोड़ना मुश्किल लगे तो  धीरे-धीरे मात्रा कम करते हुए छोडें ।  सभी मित्रों एवं परिचितों को बता दें आपने तम्बाकू सेवन छोड़ दिया है ताकि वो आपको तम्बाकू सेवन करने के लिए बाध्य न करें।  मन को एकाग्र करने के लिये एक्सरसाइज़ और योग करें।  अगर समस्या गंभीर लग रही है तो नशा मुक्ति केंद्र से जाकर परामर्श लें, नशा मुक्ति केंद्र में कॉउंसलिंग और दवा के द्वारा तम्बाकू की लत छुड़ाई जाती है।  खुद भी तम्बाकू छोड़े और दूसरों को भी ताम,तम्बाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करें।


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