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Friday, June 1, 2018

भारतीय कॉमिक्स संसार के पितामह स्व. श्री प्राण कुमार शर्मा

भारतीय कॉमिक्स जगत  में  स्व. श्री प्राण कुमार शर्मा जी का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। प्राण जी के बनाये कॉमिक्स कैरेक्टर्स आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। प्राण जी के बनाये कॉमिक्स कैरेक्टर्स कोई सुपरहीरो नहीं थे वो पूरी तरह से आम लोगों की तरह दिखने वाले भारतीय कैरेक्टर्स थे।  बुद्धिमान चाचा चौधरी जिनके पास हर मुश्किल का हल है।  बिल्लू जिसकी आंखे हमेशा उसके बालों से छुपी रहती हैं जो हमेशा अपनी चुलबुली शरारतों से सबका मनोरंजन करता है।  चुलबुली और शरारती पिंकी सबका दिल जीत लेती है।  रमन, श्रीमतीजी आदि सभी कैरेक्टर्स अन्य कॉमिक्स कैरेक्टर्स की तुलना में पूरी तरह आम भारतीय  लोगों के जैसे थे, इन कैरेक्टर्स में लोग खुद अपने आपको देखते और इनसे जुड़ाव महसूस करते थे।  

 स्व. श्री प्राण कुमार शर्मा जी द्वारा रचे सभी किरदार  लोकप्रिय हैं पर प्राण जी को सर्वाधिक लोकप्रिय उनके पात्र चाचा चौधरी और साबू ने ही बनाया। अमेरिका के इंटरनेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ कार्टून आर्ट में उनकी बनाई कार्टून स्ट्रिप ''चाचा चौधरी'' को स्थाई रूप से रखा गया है। वर्ष 1995 में उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज किया गया था।  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कार्टूनिस्ट्स ने वर्ष 2001 में उन्हें ‘लाइफ टाईम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था । ‘द वर्ल्ड एनसाइक्लोपीडिया ऑफ कॉमिक्स‘ में प्राण को ‘‘भारत का वॉल्ट डिज्नी’’ बताया गया है। चाचा चौधरी की पट्टी अमेरिका स्थित कार्टून कला के अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय में लगी हुई है। 2015 में उन्हें भारत सरकार द्वारा मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

स्व. श्री प्राण कुमार शर्मा जी का जन्म 15 अगस्त 1938 को कसूर नामक कस्बे में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है।  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कार्टूनिस्ट्स के अनुसार, प्राण जी ने मुंबई के सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट्स में प्रशिक्षण लिया था और राजनैतिक विज्ञान में परास्नातक की डिग्री के अलावा उन्होंने फाइन आर्ट्स में चार वर्षीय डिग्री भी ली थी। 6 अगस्त 2014 को प्राण जी का निधन हो गया। प्राण जी का कहना था कि "यदि मैं लोगों के चेहरे पर एक मुस्कान ला सका तो मैं अपने जीवन को सफल मानूंगा।।”  प्राण जी अपने इस मक़सद में पूरी तरह कामयाब हुए हैं, आज भी उनके बनाये किरदार लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाते हैं।  आज भले ही प्राण जी हमारे बीच प्रत्यक्ष रूप से मौजूद नहीं हैं लेकिन उनके द्वारा रचित किरदारों ने उन्हें सदा के लिए अमर बना दिया है।  भारतीय कॉमिक्स के लिए प्राण जी का योगदान अतुलनीय है उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें भारतीय कॉमिक्स का पितामह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी। 

©Nazariya Now 



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