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Sunday, May 12, 2019

टाइम मैगज़ीन स्टोरी और मोदी समर्थकों के तर्क #सिफ़र Time Magzine Story

टाइम मैगज़ीन ने अपने मई 2019 एडिशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कवर स्टोरी की है,  आतिश तासीर द्वारा की गई इस स्टोरी का टाइटल है ''INDIA'S DEVIDER IN CHIEF'' टाइम मैगज़ीन अमेरिकन मैगज़ीन है और पूरी दुनिया में इसे प्रतिष्ठित माना जाता है।  टाइम की स्टोरी के अनुसार नरेंद्र मोदी देश और समाज को बाँटने वाले नेता हैं।  2014 में विकास की बात को लेकर सत्ता में आये लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं बल्कि धार्मिक राष्ट्रवाद का ज़हरीला माहौल बनाकर देश को बांटने में लगे रहे।  2014 में लोगों को आर्थिक सुधार के बड़े-बड़े सपने दिखाने वाले मोदी अब इस बारे में बात भी नहीं करना चाहते। अब उनका सारा ज़ोर  हर नाकामी के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराकर लोगों के बीच राष्ट्रवाद की भावना का संचार करना है। भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव का फायदा उठाने से भी वह नहीं चूक रहे हैं। इसके साथ ही टाइम मैगज़ीन का एक सवाल है की  "क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र फिर से मोदी को पांच साल का मौका देने को तैयार है ?"  
Image Courtesy : TIME Magazine


  टाइम मैगज़ीन के इस स्टोरी पर पूरी भारत सहित पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। ज़्यादातर लोग इसे सही और निष्पक्ष मान रहे हैं वहीं बीजेपी/मोदी समर्थक इसका विरोध भी कर रहे हैं। बीजेपी समर्थक आतिश तासीर को पाकिस्तानी बताकर नरेंद्र मोदी का बचाव कर रहे हैं और इस स्टोरी को एक साज़िश बता रहे हैं, हालाँकि आतिश तासीर  ब्रिटिश नागरिक हैं, उनकी माँ लवलीन सिंह हैं जो की भारतीय पत्रकार हैं, उनके पिता पाकिस्तानी मूल के हैं। सिर्फ़ आतिश तासीर के पिता के पाकिस्तानी मूल के होने के कारण टाइम मैगज़ीन की कवर स्टोरी को संदेहास्पद मानना सही नहीं है।  टाइम दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मैगजीन्स में से एक है। 


एक अंतर्राष्ट्रीय मैगज़ीन में कवर स्टोरी क्या होगी उसका फैसला कोई युहीं तो होता नहीं होगा,  मैगज़ीन की एक एडिटोरियल टीम होती है, मैगज़ीन की कवर स्टोरी क्या होगी उस पर गहरा विचार विमर्श होता है, विषय विशेषज्ञों द्वारा स्टोरी के हर पहलु पर ग़ौर किया जाता है, उसके तथ्यों को जांचा परखा जाता है, रिसर्च होता है, स्टोरी का असर होगा उस पर भी ग़ौर किया जाता है।  ऐसा नहीं होता की किसी पत्रकार ने एक स्टोरी दी और उसे यूँही पब्लिश कर दिया जाये। टाइम मैगज़ीन जो दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मैगज़ीन है ज़ाहिर है उसमे नरेंद्र मोदी पर स्टोरी करने से पहले भी उन सभी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया होगा।  

अगर टाइम की स्टोरी के पहलुओं पर ग़ौर करें तो पाएंगे की उसमें लिखी गई बातें पूरी तरह सही हैं।  पिछले 5 सालों जिस तरह से देश का माहौल बदला है वो चिंताजनक है।  विकास के नाम पर देश को मुर्ख बनाया गया है।  झूठे राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया गया है।  गाय के नाम पर मोब लिंचिंग को बढ़ावा मिला है, दलितों पर अत्याचार बड़ा है, सरकार से सवाल करने और आलोचना करने पर देशद्रोही कहा जाने लगा है।  बदहाल अर्थव्यवस्था, बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ, ग़रीबी, महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार पूरी तरह नाकाम रही है।  बुनियादी मुद्दों के बजाये सेना के नाम पर वोट माँगा जा रहा है। देश का मीडिया भले ही सरकार के नाकारेपन और नाकामी को छुपाकर झूठे तथ्य दिखाकर नक़ली उपलब्धियों को प्रचारित कर रहा है लेकिन दुनिया को सब नज़र आ रहा है टाइम मैगज़ीन में पब्लिश स्टोरी उस का ही परिणाम हैं।  देश का मीडिया भले ही चापलूसी में लगा रहे लेकिन अंतराष्ट्रीय मीडिया सरकार की पोल खोल रहा है। अब देश के मीडिया को भी जागना होगा सरकार की जो हुज़ूरी छोड़कर अपने कर्तव्य को निष्पक्ष रूप से अंजाम देना होगा।  

शहाब ख़ान 'सिफ़र'



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