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Friday, July 12, 2019

गैस सिलेंडर की क़ीमत में कमी के नाम पर जनता को ठगा जा रहा है #Sifar

देश में एलपीजी गैस के दाम इंटरनेशनल मार्केट के अनुसार बदलते रहते हैं। हाल ही घरेलु एलपीजी गैस सिलेंडर क़ीमत में कमी हुई थी।  मीडिया में आई ख़बरों में यह प्रचारित किया गया की सिलेंडर की क़ीमत में 100 रुपये की कमी हुई है।  इस ख़बर को जनता को महंगाई से मिली राहत के रूप में प्रचारित किया गया।  क्या वाक़ई में सिलेंडर की में 100 रुपये कमी हुई है ? अगर सीधे क़ीमत की बात की जाये तो हाँ लगभग 100 की कमी तो हुई है लेकिन क्या इस कमी से उपभोक्ता को 100 रुपये का फ़ायदा पहुंचा ? अगर हम गैस सिलेंडर की क़ीमत और उस पर मिलने वाली सब्सिडी का विश्लेषण करें तो मालूम होगा की जनता को 100 रुपये का फायदा नहीं मिला। 
lpg gas price



जनता को गैस की क़ीमत में कमी के नाम पर किस तरह से बेवकूफ़ बनाया जाता है उसे समझने के लिए क़ीमत कम होने से पहले और बाद में गैस सिलेंडर की क़ीमत और सब्सिडी के गणित को समझे तो साफ़ तौर पर समझ आता है की जनता को क़ीमत में हुई कमी का फायदा मिलता ही नहीं है बल्कि जनता को बेवक़ूफ़ बनाया जाता है। 
LPG Gas, Subcidy, गैस सिलेंडर

27 जून 2019 को सिलेंडर की क़ीमत 763 रुपये थी। उस पर सब्सिडी की रक़म जो बैंक खाते में आई 247  रुपये अब हम 763 रुपये में से 246 रुपये कम करें तो सिलेंडर की क़ीमत हुई 520 रुपये।  

एक हफ्ते बाद 3 जुलाई 2019 सिलेंडर की क़ीमत 663 रुपये थी। उस पर सब्सिडी की रक़म जो बैंक खाते में आई 142 रुपये अब हम 663 रुपये में से 142 रुपये कम करें तो सिलेंडर की क़ीमत हुई 521 रुपये। 

इस हिसाब से सिलेंडर की क़ीमत में 1 रुपये की बढ़ोतरी ही हुई है  जनता को पहले के मुक़ाबले 1 रुपया ज़्यादा ही देना पड़ा है, जबकि प्रचारित यह किया गया की सिलेंडर की क़ीमत में लगभग 100 रुपये की कमी होने से जनता को रहत मिलेगी। 

सरकार और पेट्रोलियम कम्पनियाँ की तरह से जनता को बेवक़ूफ़ बना रही हैं यह उसकी एक मिसाल है।  मीडिया भी इस पूरे खेल में शामिल है जो जनता को पूरी हक़ीक़त बताने के बजाये गैस क़ीमत काम होने की खबर दिखाकर गुमराह करता है।  

 'सिफ़र' 
  

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